हिमाचल चुनाव से पहले भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा हुआ सक्रिय, नाहन में बनाई रणनीति

Sirmaur News: साल 2027 में प्रस्तावित हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां अभी से तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में रविवार को नाहन के पार्टी कार्यालय में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनाव से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और नई रणनीति तैयार करना था।

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इस बैठक में राज्य के सभी जिलों से आए पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष चौहान ने की। वहीं, बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन दोनों वरिष्ठ नेताओं ने पदाधिकारियों को संगठन के विस्तार और चुनाव की तैयारियों को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा बनाएगा 5 सदस्यों वाली बूथ टीम

बैठक के समापन के बाद प्रदेश अध्यक्ष मनीष चौहान ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2027 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा एक बहुत अहम भूमिका निभाएगा। दरअसल, इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरे राज्य में संगठन को अधिक मजबूत और सक्रिय बनाया जा रहा है।

मनीष चौहान ने बताया कि पार्टी आलाकमान के निर्देशों के तहत राज्य के हर बूथ पर पांच सदस्यों की एक टीम तैयार की जा रही है। इसके बाद इन सभी सदस्यों का सत्यापन किया जाएगा और फिर एक अंतिम सूची बनेगी। यह विशेष टीम घर-घर जाकर जनसंवाद करेगी और आम जनता तक पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी पहुंचाएगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 8,000 में से 6,000 बूथों पर यह विशेष अभियान प्रमुखता से चलाया जाएगा।

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मौजूदा सरकार पर साधा निशाना, स्कूल बंद करने का किया विरोध

प्रेस वार्ता के दौरान मनीष चौहान ने राज्य की मौजूदा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की गलत नीतियों का सबसे ज्यादा नुकसान अनुसूचित जाति वर्ग को उठाना पड़ रहा है। इसलिए, पार्टी लगातार सरकार के ऐसे जनविरोधी फैसलों का विरोध कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने कई ऐसे सरकारी स्कूलों पर ताला लगा दिया है, जहां बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति परिवारों के बच्चे पढ़ाई करते थे। इस फैसले से इन बच्चों की शिक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ा है। इस बीच, उन्होंने साफ किया कि भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा इस गंभीर मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा और सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध करेगा।

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