Pune News: पुणे के चर्चित कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी चेतन चौधरी ने पूछताछ में एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस के मन में शुरुआत से ही यह बड़ा सवाल था कि अगर सिया और चेतन एक-दूसरे से प्यार करते थे, तो उन्होंने केतन की हत्या जैसा खौफनाक कदम क्यों उठाया?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई और उनसे भागकर शादी न करने की वजह पूछी गई, तो चेतन ने बताया कि सिया शादी तोड़कर घर से भागने के सख्त खिलाफ थी। उसका मानना था कि अगर वह शादी से ठीक पहले किसी और के साथ भाग जाती, तो समाज में उसके परिवार की भारी बदनामी होती।
चेतन ने दावा किया कि अपने परिवार की इसी सामाजिक प्रतिष्ठा और इज्जत को बचाने के लिए सिया ने केतन अग्रवाल को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने यानी उनकी हत्या करने की यह खौफनाक साजिश रची थी। इस कबूलनामे को सुनकर खुद जांच अधिकारी भी पूरी तरह सन्न रह गए हैं।
महज 15 दिनों में 4 बार लोहागढ़ जाने की जिद का हुआ खुलासा
इस बीच, लोनावला पुलिस ने केतन की बहन संजना और उनके परिवार से भी पूछताछ की है, जिसमें एक और अहम कड़ी सामने आई है। परिवार के मुताबिक, फरवरी में सगाई होने के बाद से ही आरोपी मंगेतर सिया लगातार केतन पर लोहागढ़ किला घूमने जाने का भारी दबाव बना रही थी।
वह इस कदर जिद पर अड़ी थी कि महज 15 दिनों के भीतर वह केतन को चार बार लोहागढ़ किले लेकर गई थी। पुलिस जांच और पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर इस मर्डर मिस्ट्री की खौफनाक टाइमलाइन और पूरी साजिश का सच अब तारीख-दर-तारीख सामने आ चुका है।
रेकी से लेकर मर्डर तक: तारीख-दर-तारीख पूरी टाइमलाइन
31 मई (पहली कोशिश): सिया पहली बार केतन को लोहागढ़ किला लेकर गई, जिसे पुलिस इस पूरे मर्डर प्लान की शुरुआती रेकी मान रही है।
4 जून (दूसरी कोशिश): सिया ने दोबारा केतन पर किला जाने का दबाव बनाया, लेकिन केतन की मां ने उस दिन जाने से साफ मना कर दिया, जिससे उनकी योजना टल गई।
14 जून (तीसरी कोशिश/नाकाम हमला): सिया केतन को फिर लोहागढ़ ले गई। वहां उसने केतन को खाई में धक्का दे दिया था, लेकिन किस्मत से एक पेड़ की डाल पकड़कर केतन की जान बच गई। उस वक्त खुद को फंसता देख सिया ने ‘सांप आ गया’ का नाटक किया और केतन को गले लगा लिया। केतन को भी लगा कि सिया ने उसे बचाने के लिए धक्का दिया था।
18 जून (चौथी कोशिश और खौफनाक अंत): 19 जून को सिया का जन्मदिन था। उसने जिद की कि वे 18 जून को ही किले पर चलेंगे क्योंकि उसके कुछ दोस्त वहां उसे सरप्राइज गिफ्ट देने वाले हैं। केतन जाने के मूड में नहीं था, लेकिन सिया की जिद के आगे उसे अनिच्छा से जाना पड़ा। वहां चेतन चौधरी पहले से हुडी और मास्क पहनकर घात लगाए बैठा था और दोनों ने मिलकर केतन को 400 फीट नीचे धकेल दिया।
फिलहाल, पुणे ग्रामीण पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस पूरी साजिश की कमान असल में किसके हाथ में थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस ‘ऑनर किलिंग’ जैसी मानसिकता वाले अपराध में परिवार का कोई और सदस्य भी शामिल था या नहीं।

