पासपोर्ट केवल यात्रा और पहचान का दस्तावेज, नागरिकता का पक्का सबूत नहीं: विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान

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New Delhi News: विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को साफ कर दिया है कि पासपोर्ट केवल यात्रा और पहचान संबंधी एक आधिकारिक दस्तावेज है, न कि भारतीय नागरिकता का कोई पक्का प्रमाण। अधिकारियों ने कहा कि पासपोर्ट विदेश में भारतीयों की राष्ट्रीयता को प्रमाणित जरूर करता है, लेकिन यह नागरिकता का दस्तावेज नहीं है।

इससे पहले 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक स्पेशल मैसेज साझा किया था। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण आयोजन पासपोर्ट अधिनियम 1967 की वर्षगांठ का प्रतीक है। इसके साथ ही यह भारत के पासपोर्ट बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर एक बड़ा प्रतिबिंब भी है।

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विदेश मंत्रालय ने क्लियर किया है कि पासपोर्ट हालांकि केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है, लेकिन यह नागरिकता स्थापित करने वाला अंतिम दस्तावेज नहीं माना जा सकता। इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि पहचान पत्र नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं होते हैं।

चिप-आधारित ई-पासपोर्ट और पुलिस सत्यापन का समय

विदेश मंत्रालय ने वैश्विक स्वीकृति को बढ़ावा देने और धोखाधड़ी के बड़े जोखिम को कम करने के लिए नए चिप-आधारित ई-पासपोर्ट में शामिल किए गए आधुनिक उपायों पर जोर दिया। इसमें बायोमेट्रिक डेटा जैसी बेहद सुरक्षित और हाई टेक तकनीकों को शामिल किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार 500 से अधिक पासपोर्ट केंद्रों की स्थापना और साल 2025 में 1.5 करोड़ पासपोर्ट सेवाओं की डिलीवरी के साथ इस पूरी प्रोसेस को आसान बना रही है। पुलिस सत्यापन को छोड़कर, पासपोर्ट जारी होने में केवल छह कार्यदिवसों का समय लगता है।

इसके साथ ही अब पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर आवेदकों को अपना काम पूरा कराने में 45 मिनट से भी कम समय बिताना पड़ता है। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीयों के लिए बिना वीजा के प्रवेश देने वाले देशों की संख्या अब तेजी से बढ़कर 27 हो गई है, जो 2019 में केवल 16 थी।

वीजा ऑन अराइवल की सुविधा और अंतरराष्ट्रीय समझौते

मौजूदा समय में दुनिया के 47 देशों में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा ऑन अराइवल की शानदार नीति लागू है। इसके अलावा 66 देश भारतीयों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा यानी ई-वीजा की बड़ी सुविधा प्रदान कर रहे हैं। भारत ने हाल ही में कई यूरोपीय देशों के साथ आवागमन समझौते भी किए हैं।

ये समझौते देश के शिक्षाविदों, छात्रों, प्रशिक्षुओं, नियमित पर्यटकों और बड़े बिजनेस क्लास की इंटरनेशनल आवाजाही को बहुत आसान बनाते हैं। इसके साथ ही यह पूरी व्यवस्था अवैध प्रवासियों की सुरक्षित और आसान वापसी के लिए भी एक लीगल फ्रेमवर्क तैयार करने का काम करती है।

मंत्रालय जल्द ही दो दिवसीय मानव संसाधन गतिशीलता मंच का बड़ा आयोजन करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रवासन के कानूनी रास्तों पर प्रकाश डालना है। यह विदेशी नियोक्ताओं और विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे भारतीय नागरिकों के बीच नेटवर्किंग को आसान बनाएगा।

पाकिस्तानी एयर स्पेस में दाखिल हुई एअर इंडिया की फ्लाइट

इस बीच दिल्ली से अमृतसर की ओर जा रही एअर इंडिया की एक पैसेंजर फ्लाइट अचानक अपने तय रास्ते से भटक गई। तकनीकी खराबी के कारण यह विमान अनजाने में पाकिस्तानी एयर स्पेस के अंदर दाखिल हो गया था। फ्लाइट संख्या एआई-479 में अचानक आई इस खराबी से हड़कंप मच गया।

इस सीमा उल्लंघन को लेकर जब पाकिस्तान की तरफ से तुरंत चेतावनी जारी की गई, तो भारतीय पायलट ने समझदारी दिखाई। पायलट ने तुरंत ही फ्लाइट का यूटर्न लिया और सुरक्षित तरीके से भारतीय एयरस्पेस में वापस लौट आया, जिससे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद टल गया।

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