Business News: भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब एक लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक की एसेट वाली एनबीएफसी को ‘उच्च स्तर श्रेणी’ में शामिल किया जाएगा।
आरबीआई ने इसके लिए पुरानी व्यवस्था को बदलकर एक नया और ठोस पैमाना अपनाने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक ने साफ कहा है कि ‘उच्च स्तर’ यानी अपर लेयर में आने वाली इन सभी एनबीएफसी के लिए अब ज्यादा मजबूत और व्यापक नियमों की जरूरत है।
रिजर्व बैंक ने सरकारी एनबीएफसी को अलग-अलग लेयर्स में रखने से जुड़े पुराने नियमों की समीक्षा की है। इसी समीक्षा के आधार पर मौजूदा गाइडलाइंस में यह बड़ा बदलाव किया जा रहा है। आरबीआई इन कंपनियों के साइज और रिस्क प्रोफाइल के आधार पर नियम तय करता है।
पैमाना आधारित रेगुलेशन के तहत चार लेयर्स में वर्गीकरण
नए पैमाना आधारित रेगुलेशन के तहत अब नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों को चार अलग-अलग भागों में बांटा गया है। इसमें एनबीएफसी-बुनियादी स्तर, एनबीएफसी-मध्यम स्तर, एनबीएफसी-उच्च स्तर और एनबीएफसी-शीर्ष स्तर शामिल हैं। यह वर्गीकरण कंपनियों की निगरानी को काफी आसान बनाएगा।
आरबीआई के दूसरे संशोधन निर्देश 2026 के अनुसार उच्च स्तर में केवल वही एनबीएफसी शामिल होंगी जिनकी पहचान केंद्रीय बैंक हर साल खुद करेगा। इन खास कंपनियों के लिए एसेट साइज की लिमिट लेटेस्ट फाइनेंशियल ईयर के स्टेटमेंट के मुताबिक 1,00,000 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा होनी चाहिए।
एसेट साइज की लिमिट की हर तीन साल में होगी समीक्षा
रिजर्व बैंक ने नए सर्कुलर में क्लियर किया है कि एनबीएफसी-उच्च स्तर की पहचान के मानदंडों की समय-समय पर पूरी जांच की जाएगी। इसके साथ ही इस कैटेगरी के लिए जरूरी संपत्ति के आकार की सीमा की समीक्षा हर तीन साल में अनिवार्य रूप से की जाएगी।
केंद्रीय बैंक ने कमर्शियल बैंकों की ग्रुप कंपनियों से जुड़ी एनबीएफसी को लेकर भी स्थिति साफ की है। अगर कोई खास बिजनेस या एक्टिविटी एनबीएफसी और उसकी पैरेंट बैंक दोनों मिलकर कर रहे हैं, तो उन्हें इन सभी कड़े नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।
आरबीआई के अनुसार ये नए नियम उन सभी एनबीएफसी पर लागू होंगे जो शेड्यूल कमर्शियल बैंकों की ग्रुप यूनिट का हिस्सा हैं। चाहे इन नए निर्देशों के प्रावधानों के अनुसार उनका मौजूदा लेयर वर्गीकरण कुछ भी हो, उन्हें इन गाइडलाइंस को फॉलो करना ही पड़ेगा।
