हिमाचल पुलिस और होमगार्ड भर्ती पर चला चुनाव आयोग का डंडा, क्या युवाओं का इंतजार होगा और लंबा?

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में वर्दी पहनने का सपना देख रहे युवाओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए पुलिस और होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। प्रदेश में वर्तमान में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव चल रहे हैं। इस कारण सरकार फिलहाल 1500 पदों पर नई नियुक्तियां नहीं कर पाएगी। अब यह पूरी प्रक्रिया जून महीने में ही शुरू होने की उम्मीद है।

राज्य सरकार ने 700 पुलिस कांस्टेबल और 800 होमगार्ड जवानों की भर्ती के लिए चुनाव आयोग से विशेष अनुमति मांगी थी। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि 31 मई तक प्रदेश में आचार संहिता लागू रहेगी। नियमों के मुताबिक, चुनाव के दौरान सरकार ऐसी किसी भी बड़ी योजना या भर्ती का ऐलान नहीं कर सकती, जो मतदाताओं को प्रभावित करे। आयोग के इस कड़े रुख के बाद गृह विभाग को अपनी फाइल वापस लेनी पड़ी है।

शिमला के डोडरा क्वार में लोकतंत्र का अनूठा उत्साह

एक तरफ भर्तियों पर रोक लगी है, वहीं दूसरी तरफ चुनावी मैदान में उम्मीदवारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। शिमला जिले के सबसे दूरदराज क्षेत्र डोडरा क्वार में लोकतंत्र के प्रति गजब की जागरूकता देखने को मिल रही है। यहां के क्वार वार्ड से जिला परिषद की एक सीट के लिए रिकॉर्ड 11 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। ऊबड़-खाबड़ रास्तों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद लोगों का चुनावी उत्साह प्रशासनिक हल्कों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सिर्फ क्वार ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य वार्डों में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। भलूण और चडोली वार्ड में 8-8 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, नरैण और गोरली मडावग में 7-7 उम्मीदवार चुनाव प्रचार में जुटे हैं। आयोग की सख्ती और प्रत्याशियों की बढ़ती संख्या ने इस बार के स्थानीय निकाय चुनावों को बेहद दिलचस्प बना दिया है। प्रशासन अब शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने में जुट गया है।

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