Haryana News: हरियाणा सिविल सर्विसेज (एचसीएस) और अन्य संबद्ध 102 पदों के लिए आयोजित की गई मुख्य परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई है। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 80 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने इस बार एक बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार इस परीक्षा को पूरी तरह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर आयोजित किया है।
इस नए बदलाव के तहत जहां पहले मुख्य परीक्षा में कुल चार पेपर आयोजित किए जाते थे, वहीं इस बार यूपीएससी के नए पैटर्न के अनुसार कुल छह पेपर लिए गए। परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि आयोग द्वारा पहली बार किया गया यह प्रशासनिक बदलाव काफी बेहतर और व्यवस्थित रहा।
तय सिलेबस से ही पूछे गए प्रश्न और छह सौ अंकों की हुई परीक्षा
मुख्य परीक्षा दे चुके कैथल के अरविंद कुमार, रोहतक के साहिल और महेंद्रगढ़ के धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आयोग द्वारा पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम (सिलेबस) से ही सभी प्रश्न पूछे गए थे। इस कारण परीक्षा देने में उन्हें किसी भी प्रकार की अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। इस बार कुल 600 अंकों के छह अलग-अलग पेपर आयोजित किए गए थे।
आयोग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस मुख्य परीक्षा के लिए पंजीकृत कुल 1277 उम्मीदवारों में से 1197 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष आलोक वर्मा ने बताया कि पूरी परीक्षा राज्य भर में बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है और कहीं से किसी गड़बड़ी की खबर नहीं है।
अगस्त या सितंबर में आएगा रिजल्ट और उसके बाद शुरू होंगे इंटरव्यू
एचपीएससी की इस मुख्य परीक्षा के संपन्न होने के बाद अब कॉपियों के मूल्यांकन का काम तेजी से शुरू किया जाएगा। आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले अगस्त या सितंबर महीने में इस परीक्षा का अंतिम नतीजा (रिजल्ट) घोषित कर दिया जाएगा। मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों को ही अगले चरण के लिए चुना जाएगा।
लिखित मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सभी योग्य उम्मीदवारों को इसके बाद साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चयनित 102 पदों के लिए अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी। इस नए पैटर्न से राज्य की प्रशासनिक सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

