New Delhi News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूली शिक्षा के पारंपरिक ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए अब छात्रों के भविष्य को संवारने की सीधी जिम्मेदारी उठा ली है। बोर्ड ने 8 मई को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि स्कूल केवल परीक्षा केंद्र बनकर नहीं रह सकते। अब प्रिंसिपल्स और काउंसलर्स को सक्रिय रूप से करियर मार्गदर्शन प्रदान करना होगा। यह विशेष कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत डिजाइन किया गया है ताकि छात्र सही दिशा चुन सकें।
छात्रों के लिए करियर काउंसलिंग का नया ढांचा
CBSE द्वारा शुरू किया गया यह नया कार्यक्रम स्कूलों में करियर काउंसलिंग के पुराने और कमजोर ढांचे को पूरी तरह से बदलने का काम करेगा। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र केवल भेड़चाल में शामिल न हों। अक्सर देखा गया है कि सटीक जानकारी के अभाव में छात्र अपनी प्रतिभा के विपरीत विषयों का चुनाव कर लेते हैं। अब स्कूलों में ऐसी व्यवस्था होगी जहां विशेषज्ञों के माध्यम से छात्रों को उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं और रुचियों की पहचान करवाई जाएगी।
प्रवेश परीक्षाओं और छात्रवृत्ति की मिलेगी सटीक जानकारी
इस पहल के लागू होने के बाद, कक्षा 12 के छात्रों को JEE और NEET जैसी कठिन प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। स्कूल के भीतर ही उन्हें विभिन्न पेशेवर पाठ्यक्रमों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति और इंटर्नशिप के अवसरों की पूरी जानकारी दी जाएगी। बोर्ड ने प्रिंसिपल्स को निर्देश दिया है कि वे करियर पथों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित सत्र आयोजित करें। इससे छात्रों को समय पर सही निर्णय लेने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
उभरते क्षेत्रों और वैश्विक अवसरों पर रहेगा विशेष ध्यान
विशेषज्ञों का मानना है कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में केवल किताबी ज्ञान भविष्य की चुनौतियों से लड़ने के लिए पर्याप्त नहीं है। CBSE की यह योजना छात्रों को डेटा साइंस, एआई और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे नए और उभरते क्षेत्रों के बारे में शिक्षित करेगी। इसके साथ ही, विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया और वहां मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में भी अब काउंसलर्स विस्तार से बताएंगे। यह कदम भारतीय छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में सहायक होगा।
- प्रिंसिपल और काउंसलर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जाएगा।
- कक्षा 12 के बाद उपलब्ध पारंपरिक और गैर-पारंपरिक करियर विकल्पों की सूची तैयार होगी।
- सरकारी और निजी क्षेत्रों में उपलब्ध इंटर्नशिप कार्यक्रमों से छात्रों को जोड़ा जाएगा।
- समय-समय पर करियर फेयर और इंडस्ट्री विशेषज्ञों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य की चिंताओं को दूर करने के लिए वन-टू-वन सत्र होंगे।

