Delhi News: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर देश के सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। संसद का आगामी मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस महत्वपूर्ण सत्र से ठीक पहले या उसके तुरंत बाद केंद्रीय कैबिनेट में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।
कैबिनेट फेरबदल के दो सबसे बड़े मुख्य फॉर्मूले
मंत्रालयों से आ रही खबरों के मुताबिक इस बार बड़े बदलाव के दो मुख्य आधार तय किए गए हैं। पहला फोकस पूरी तरह से युवा टीम पर रहेगा, जिसके तहत मंत्रियों की औसत उम्र 46 साल के करीब लाने की योजना है। इसके लिए 65 साल से अधिक उम्र के नेताओं को सरकारी पदों से हटाकर संगठन के काम में भेजा जा सकता है।
दूसरा बड़ा फॉर्मूला नए राजनीतिक सहयोगियों को शामिल करना है। पिछले कुछ समय में अन्य विपक्षी दलों को छोड़कर एनडीए के पाले में आए बड़े नेताओं को इस बार मंत्रिमंडल में बड़ा इनाम मिल सकता है। इसमें पंजाब, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से पाला बदलने वाले कई बड़े कद्दावर सांसदों के नाम रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान की जगह कौन संभालेगा शिक्षा मंत्रालय
नीट पेपर लीक विवाद के बाद से ही देश के शिक्षा मंत्रालय को लेकर तरह-तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं। कयास हैं कि धर्मेंद्र प्रधान को इस विभाग से हटाकर कोई दूसरा मंत्रालय दिया जा सकता है। उनके स्थान पर वरिष्ठ महिला नेता निर्मला सीतारमण और दक्षिण भारत से डी पुरंदेश्वरी के नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है।
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से तभी फ्री किया जाएगा, जब उन्हें ओडिशा में मुख्यमंत्री की कमान सौंपी जाए। इसके अलावा हाल ही में विपक्षी खेमे से बीजेपी में शामिल हुए कुछ अन्य युवा चेहरों को भी इस महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी देने के लिए सोशल मीडिया पर लगातार चर्चाएं चल रही हैं।
इन नए चेहरों को कैबिनेट में मिल सकती है एंट्री
इस बड़े फेरबदल में जिन नए चेहरों को मोदी 3.0 सरकार में जगह मिल सकती है, उनमें दो प्रमुख महिला नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें आंध्र प्रदेश से डी पुरंदेश्वरी और तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आईं काकोली दस्तीदार का नाम प्रमुख है। इन्हें महिला कोटे से नए मंत्रिमंडल में शामिल करने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
इनके साथ ही हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर की एक बार फिर से कैबिनेट में दमदार वापसी हो सकती है। पंजाब में आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए राघव चड्ढा या संदीप पाठक में से किसी एक को मौका मिल सकता है। महाराष्ट्र से श्रीकांत शिंदे और अमृतसर से तरुण चुघ भी इस रेस में शामिल हैं।
वरिष्ठ मंत्रियों की बदल सकती है पूरी भूमिका
इस बड़े बदलाव के तहत चार कद्दावर मंत्रियों को कैबिनेट से हटाकर संगठन या दूसरी बड़ी जिम्मेदारियों में ट्रांसफर किया जा सकता है। मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को साउथ इंडिया में पार्टी को मजबूत करने का जिम्मा मिल सकता है। उनकी जगह रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास या पीयूष गोयल को नया वित्त मंत्री बनाया जा सकता है।
उम्र के नए नियमों के कारण पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की विदाई भी लगभग तय मानी जा रही है ताकि युवाओं के लिए रास्ता साफ हो सके। ‘एक व्यक्ति दो पद’ की नीति के तहत पंकज चौधरी को यूपी और हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली में संगठन मजबूत करने के लिए सरकारी पदों से मुक्त किया जा सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा।

