India News: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में वित्त वर्ष 2026 के बिक्री आंकड़े आ गए हैं। इस बार टाटा मोटर्स ने अपनी बादशाहत साबित कर दी है। यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में टाटा नेक्सन देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बन गई है। टॉप-10 की सूची में मारुति और महिंद्रा के कई मॉडल शामिल हैं। लेकिन बाजी टाटा के नाम रही है। पूरे साल के दौरान टाटा नेक्सन और हुंडई क्रेटा ही केवल दो ऐसे मॉडल रहे जिन्होंने दो लाख का आंकड़ा पार किया।
Nexon की बादशाहत और Creta का दबदबा
टाटा नेक्सन ने वित्त वर्ष 2026 में 2,16,054 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है। पिछले साल के मुकाबले इसकी बिक्री में 32 फीसदी का जोरदार उछाल आया है। वहीं हुंडई क्रेटा 2,01,921 यूनिट्स के साथ दूसरे पायदान पर रही। मारुति अर्टिगा ने भी 1,98,855 यूनिट्स बेचकर अपनी पकड़ मजबूत रखी है। टाटा पंच इस बार चौथे नंबर पर खिसक गई है। पंच की बिक्री में इस साल करीब 6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
Maruti और Mahindra की कारों का प्रदर्शन
मारुति ब्रेजा और महिंद्रा स्कॉर्पियो के बीच इस साल कड़ी टक्कर देखने को मिली। ब्रेजा ने 1,80,104 यूनिट्स बेचीं लेकिन इसमें 5 फीसदी की गिरावट रही। स्कॉर्पियो ने 8 फीसदी की बढ़त के साथ 1,78,800 यूनिट्स का आंकड़ा छुआ। मारुति फ्रोंक्स ने भी बाजार में अपनी चमक बिखेरी है। महिंद्रा थार और रॉक्स की डिमांड में सबसे ज्यादा 49 फीसदी की ग्रोथ हुई। हुंडई वेन्यू और किआ सोनेट ने भी टॉप-10 में अपनी जगह पक्की रखी है।
Toyota और Kia की गाड़ियों ने दिखाई रफ्तार
टोयोटा इनोवा क्रिस्टा और हाइक्रॉस की 1,12,186 यूनिट्स बिकी हैं। महिंद्रा बोलेरो ने 16 फीसदी की बढ़त के साथ 1.10 लाख से ज्यादा ग्राहकों को लुभाया। टोयोटा हाइराइडर की बिक्री में इस साल 65 फीसदी का सबसे बड़ा उछाल आया। किआ सेल्टोस और कैरेंस ने भी क्रमशः 15 और 25 फीसदी की ग्रोथ हासिल की। हालांकि महिंद्रा XUV700 और मारुति ग्रैंड विटारा की बिक्री में इस साल बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
हुंडई और मारुति के कुछ मॉडल्स पिछड़े
हुंडई एक्सटर की बिक्री में 14 फीसदी की गिरावट आई है। मारुति ग्रैंड विटारा की सेल्स भी 31 फीसदी तक कम हुई है। मारुति विक्टोरिस ने बाजार में 75,611 यूनिट्स के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ग्राहकों का रुझान अब फीचर-रिच और बड़ी एसयूवी की तरफ बढ़ा है। यही वजह है कि कुछ पुराने और बेसिक मॉडल्स की डिमांड कम हुई है। आगामी त्योहारी सीजन में कंपनियां नए ऑफर्स के साथ वापसी कर सकती हैं।


