India News: भारतीय सड़कों पर दशकों से राज करने वाली टोयोटा इनोवा क्रिस्टा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा जल्द ही अपनी इस सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय एमपीवी को हमेशा के लिए बंद कर सकती है। कंपनी साल 2027 तक इसे भारतीय बाजार से धीरे-धीरे हटाने की योजना बना रही है। इस फैसले ने उन लाखों ग्राहकों को हैरान कर दिया है जो इसकी मजबूती और लंबी दूरी तय करने की क्षमता के दीवाने हैं।
सख्त नियमों की वजह से डीजल इंजन पर गिरेगी गाज
ऑटोमोबाइल सेक्टर में लागू होने वाले नए CAFE 3 नियम इस बड़े फैसले की मुख्य वजह बताए जा रहे हैं। ये नियम डीजल से चलने वाली भारी गाड़ियों के लिए कड़ी चुनौतियां पेश करेंगे। इन नियमों का पालन करना अब पुरानी तकनीक वाली डीजल कारों के लिए बेहद मुश्किल होता जा रहा है। इसी कारण टोयोटा अब पारंपरिक डीजल इंजन के बजाय हाइब्रिड और क्लीन एनर्जी की ओर अपना रुख कर रही है। भविष्य में प्रदूषण कम करने के लिए कंपनी यह कठोर कदम उठाने को मजबूर है।
क्रिस्टा और हाईक्रॉस के बीच का दिलचस्प सफर
आपको याद होगा कि टोयोटा ने इनोवा हाईक्रॉस लॉन्च करते समय क्रिस्टा का उत्पादन कुछ वक्त के लिए रोक दिया था। हालांकि बाजार में हाईक्रॉस के लिए लंबा वेटिंग पीरियड होने की वजह से क्रिस्टा को दोबारा वापस लाना पड़ा। लेकिन दोबारा वापसी के बाद कंपनी ने इसे सिर्फ डीजल इंजन और मैनुअल गियरबॉक्स के साथ ही बेचा। कंपनी ने जान-बूझकर इसमें ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन नहीं दिया ताकि हाईक्रॉस की बिक्री पर कोई असर न पड़े। अब कंपनी पुराने मॉडल को विदाई देने की पूरी तैयारी कर चुकी है।
कौन बनेगा अब क्रिस्टा का असली उत्तराधिकारी?
इनोवा क्रिस्टा के जाने के बाद अब बाजार की पूरी जिम्मेदारी ‘इनोवा हाईक्रॉस’ के कंधों पर होगी। हाईक्रॉस पूरी तरह से नई हाइब्रिड तकनीक पर आधारित है जो पेट्रोल और बिजली दोनों से चलती है। यह पुरानी क्रिस्टा के मुकाबले बेहतर माइलेज देती है और पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचाती है। टोयोटा अब उन ग्राहकों को साधने के लिए हाईक्रॉस का एक सस्ता वेरिएंट लाने पर विचार कर रही है जो कम कीमत में इनोवा खरीदना चाहते हैं।
ग्राहकों के लिए अब क्या हैं विकल्प?
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए टोयोटा अब पूरी तरह से हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जिन लोगों को क्रिस्टा की मजबूती पसंद थी, उनके लिए हाईक्रॉस एक आधुनिक और आरामदायक विकल्प साबित हो रही है। हालांकि पुराने डीजल मॉडल के शौकीनों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। कंपनी अपनी रणनीति के तहत अब केवल उन्हीं गाड़ियों को बढ़ावा देगी जो नए ईंधन मानकों पर खरी उतरती हों। बाजार में अब धीरे-धीरे हाइब्रिड कारों का बोलबाला बढ़ने वाला है।


