ईरान युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका: स्पेन ने बंद किया अपना आसमान, भड़के ट्रंप ने दी खुली धमकी!

Spain News: ईरान और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के बीच स्पेन ने एक बेहद साहसी और चौंकाने वाला फैसला लिया है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सरकार ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) के दरवाजे पूरी तरह बंद कर दिए हैं। स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने सोमवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए साफ किया कि ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान के लिए स्पेन की जमीन या आसमान का इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। इस फैसले ने नाटो (NATO) सहयोगी देशों के बीच खलबली मचा दी है और वाशिंगटन को सीधे चुनौती दी है।

सैन्य अड्डों के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह पाबंदी

रक्षा मंत्री रोबल्स ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना को यह संदेश पहले ही दे दिया गया था। स्पेन में स्थित रोटा और मोरोन जैसे संयुक्त सैन्य अड्डों का उपयोग अब पश्चिम एशिया के संघर्षों के लिए वर्जित होगा। स्पेन सरकार का तर्क है कि वह किसी भी ऐसी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगी जो ‘अवैध और अन्यायपूर्ण’ हो। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस पूरे घटनाक्रम को मानवता के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने अमेरिका और इजराइल की सैन्य नीतियों की खुलकर आलोचना की है।

ट्रंप की ‘व्यापार युद्ध’ की धमकी और सांचेज का कड़ा रुख

स्पेन के इस कड़े फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह भड़क गए हैं। ट्रंप ने मैड्रिड को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर स्पेन ने अपना रुख नहीं बदला, तो अमेरिका उसके साथ सभी व्यापारिक रिश्ते खत्म कर सकता है। हालांकि, प्रधानमंत्री सांचेज पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक गैरकानूनी काम का जवाब दूसरे गैरकानूनी काम से देना दुनिया को विनाश की ओर ले जाएगा। सांचेज सरकार ने अमेरिका, इजराइल और ईरान तीनों से तुरंत युद्ध विराम की अपील की है।

शांति की अपील या कूटनीतिक टकराव?

स्पेन का यह कदम यूरोप की राजनीति में एक बड़ी लकीर खींच रहा है। सांचेज सरकार पश्चिम एशिया में जारी हिंसा को मानवीय त्रासदी मानती है। उनका मानना है कि सैन्य अड्डों पर पाबंदी लगाकर वे युद्ध की आग को फैलने से रोक रहे हैं। अब देखना यह है कि ट्रंप की आर्थिक धमकी का स्पेन की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, स्पेन के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध विरोधी ताकतों को एक नई आवाज दी है।

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