नीट पेपर लीक पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का बीजेपी पर बड़ा हमला, मेडिकल डिवाइस पार्क को लेकर किया यह सनसनीखेज खुलासा

Himachal Pradesh News: नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर देश में मचे सियासी घमासान के बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों में पेपर लीक होना एक आम बात बन चुकी है। कांग्रेस के राज में ऐसी देशविरोधी घटनाएं कभी नहीं होती थीं।

शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को इस गंभीर विषय पर आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के लाखों होनहार युवा डॉक्टर बनने का सपना लेकर दिन-रात पढ़ाई करते हैं। भाजपा के खराब सिस्टम की वजह से आज उन बच्चों का भविष्य पूरी तरह दांव पर लग गया है।

हिमाचल के पुराने भर्ती घोटालों पर किया बड़ा दावा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुरानी भाजपा सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में सबऑर्डिनेट सिलेक्शन बोर्ड में खुलेआम नौकरियां बेची जाती थीं। यहां तक कि पुलिस भर्ती का मुख्य पेपर भी लीक करवा दिया गया था, जिसकी सही जांच तक नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही इस भ्रष्ट चयन बोर्ड को तुरंत भंग कर दिया था। इस घोटाले में शामिल सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। वर्तमान में सरकार छात्रों की सुविधा के लिए नीट अभ्यर्थियों को एचआरटीसी की सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा भी दे रही है।

मेडिकल डिवाइस पार्क को लेकर सरकार का बड़ा स्टैंड

सीएम सुक्खू ने विपक्ष द्वारा प्रचारित किए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क प्रोजेक्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह विवादास्पद योजना प्रदेश और जनता के हित में बिल्कुल नहीं थी। पूर्व सरकार इस प्रोजेक्ट में करीब 5,000 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन कौड़ियों के भाव बेचने की तैयारी में थी।

इस प्रोजेक्ट के नियमों के तहत उद्योगों को एक रुपये स्क्वायर मीटर की दर से जमीन दी जानी थी। साथ ही 10 साल तक तीन रुपये प्रति यूनिट बिजली देने की बात थी, जबकि सर्दियों में सरकार खुद सात रुपये में बिजली खरीदती है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि वह जनता के अधिकारों का नुकसान कभी नहीं होने देंगे।

मानसून की तबाही से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट

आगामी मानसून सीजन की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है। पिछले सालों की आपदा से सरकार ने बहुत कुछ सीखा है। आपातकालीन स्थिति में रिकॉर्ड समय में वैली ब्रिज बनाकर बंद सड़कों को बहाल किया जाएगा, ताकि राहत और बचाव कार्य समय पर हो सकें।

सरकार का मुख्य लक्ष्य मानसून के दौरान होने वाले जान-माल के नुकसान को हर हाल में न्यूनतम स्तर पर रखना है। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों को त्वरित राहत और पुनर्वास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए 75 लाख प्रदेशवासियों का हित सर्वोपरि है।

Reported By: Sunita Gupta

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