Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सोलन जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गढ़खल से कसौली मार्ग पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी कर टूटी सड़क की खस्ता हालत पर तुरंत स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की डिवीजन बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। इस बड़े मामले की अगली सुनवाई आगामी दो जुलाई को तय की गई है।
पर्यटन सीजन में कसौली जाने वाले लोग परेशान
अदालत में दायर जनहित याचिका में बताया गया कि गढ़खल से कसौली तक का मुख्य रास्ता देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। गर्मियों के इस टूरिस्ट सीजन के दौरान यहां रोजाना घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहता है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ने इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। इस पर हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कोर्ट को बताएं कि गढ़खल बाईपास मार्ग के निर्माण के लिए अब तक क्या प्रगति हुई है।
सड़क का ऑन द स्पॉट निरीक्षण करने के आदेश
हाई कोर्ट की बेंच को यह भी जानकारी दी गई कि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पिछले कई वर्षों से कोलतार यानी डामर नहीं बिछाई गई है। इस पर कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव को खुद मौके पर जाकर पूरी सड़क का ऑन द स्पॉट निरीक्षण करने का आदेश दिया है।
अदालत ने लोक निर्माण विभाग सोलन मंडल के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर को भी इस केस में नया प्रतिवादी बनाया है। कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई से पहले हलफनामा दायर कर बताएं कि इस डैमेज रोड पर आखिरी बार मेंटेनेंस का काम कब किया गया था।
Reported By: Sunita Gupta


