Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में मरीजों की जिंदगी के साथ सरेआम खिलवाड़ हो रहा है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी यानी बीएचयू गेट और अन्य अस्पतालों के बाहर कबाड़ हो चुकी अनफिट एंबुलेंस खुलेआम दौड़ रही हैं। आरटीओ प्रशासन की जांच में इस बड़े और खतरनाक खेल का पर्दाफाश हुआ है।
शहर की 500 में से 200 एंबुलेंस के पास नहीं फिटनेस
परिवहन विभाग के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वाराणसी शहर में कुल 500 एंबुलेंस पंजीकृत हैं। बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से करीब 200 एंबुलेंसों के पास कोई वैध फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं है। इसके अलावा 600 से अधिक ऐसी गाड़ियां भी धड़ल्ले से चल रही हैं जिनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ है।
कुछ शातिर ऑपरेटर पुरानी गाड़ियों को सस्ते में खरीद लेते हैं। फिर वे उन पर सिर्फ ‘एम्बुलेंस’ लिखवाकर मरीजों को ढोने का अवैध धंधा शुरू कर देते हैं। बिना आरटीओ रजिस्ट्रेशन के ये अनफिट गाड़ियां शहर की व्यस्त सड़कों पर मरीजों की जान जोखिम में डालकर फर्राटा भर रही हैं।
बिना इंश्योरेंस के पड़ोसी जिलों तक हो रही मरीजों की सप्लाई
सच्चाई जानने के लिए जब ग्राउंड लेवल पर पड़ताल की गई तो कई गंभीर बातें सामने आईं। बीएचयू गेट के बाहर खड़ी एंबुलेंसों के पास न तो कोई इंश्योरेंस है और न ही फिटनेस। इसके बावजूद ये गाड़ियां मरीजों को गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, मऊ और आजमगढ़ जैसे दूरदराज के जिलों में ले जा रही हैं।
एंबुलेंस चालक मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूलते हैं। पुलिस भी इन गाड़ियों को मरीज होने की आशंका के कारण रास्ते में नहीं रोकती। इसी ढिलाई का फायदा उठाकर बिना इंश्योरेंस और बिना जरूरी मेडिकल सुविधाओं वाले ये अनफिट वाहन एक्सप्रेसवे और हाईवे पर बेखौफ दौड़ रहे हैं।
अवैध वाहनों को सीज करने के लिए आरटीओ ने बनाई स्पेशल टीम
इस बड़े मामले पर एआरटीओ प्रवर्तन मनोज प्रसाद वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि हालिया जांच के दौरान कई डिफॉल्टर एंबुलेंस संचालक पकड़े गए हैं। जांच टीम को मौके पर 150 से अधिक ऐसे वाहन मिले जो परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं थे।
विभाग ने इन सभी अनफिट और अवैध वाहनों को तुरंत सीज कर दिया है। आरटीओ प्रशासन ने अब ऐसी फर्जी गाड़ियों को सड़क से हटाने के लिए एक स्पेशल टीम बनाई है। यह टीम पूरे शहर में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बिना कागजात वाले सभी वाहनों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
Author: Ajay Mishra


