International News: पड़ोसी देश बांग्लादेश की विभिन्न जेलों से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है। वहां कानूनी सजा पूरी करने के बावजूद 148 निर्दोष भारतीय नागरिक अब तक अपने वतन वापस नहीं लौट पाए हैं। वे आज भी वहां की कालकोठरी में बंद हैं।
एक जेल अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि छह महीने पहले जारी आधिकारिक जेल आंकड़ों के मुताबिक, 148 भारतीयों सहित कुल 152 विदेशी नागरिक सजा काटने के बावजूद जेलों में बंद रहने को पूरी तरह मजबूर हैं।
इनमें से कई कैदियों ने अपनी तय कानूनी सजा वर्षों पहले ही पूरी कर ली थी। इसके बावजूद केवल कागजी पहचान प्रक्रिया में देरी और प्रशासनिक या राजनयिक सुस्ती की वजह से उनकी जेल की कैद लगातार लंबी खिंचती चली जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए अधिकांश भारतीय नागरिकों पर मुख्य रूप से अनजाने में या अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने का आरोप था। स्थानीय पुलिस ने उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों से सुरक्षा घेरे में लिया था।
शरियतपुर जिला जेल में फंसे हैं कई बेबस भारतीय नागरिक
एक प्रमुख समाचार पोर्टल की सोमवार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी शरियतपुर जिला जेल में अकेले 17 भारतीय नागरिक अपनी पूरी सजा काटने के बाद भी कड़े पहरे में बंद हैं। उन्हें अब तक रिहा नहीं किया जा सका है।
इस देरी का मुख्य कारण उनकी राष्ट्रीय पहचान का सही समय पर सत्यापित न हो पाना है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस गंभीर मानवीय मामले में भारतीय दूतावास से बार-बार संपर्क करने की कोशिशें पूरी तरह विफल रहीं।
पद्मा पुल के पास से हिरासत में लिए गए थे लोग
स्थानीय पुलिस ने साल 2022 और 2023 में प्रसिद्ध पद्मा पुल के पास से अलग-अलग समय पर 20 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था। बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत इन सभी को जेल भेज दिया गया था।
इन सभी कैदियों ने अपनी निर्धारित न्यायिक सजा कब की पूरी कर ली है। इसके बावजूद राष्ट्रीयता का सत्यापन और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया अधूरी रहने के कारण वे कागजों पर “रिहा कैदी” की अजीब स्थिति में अब भी कैद हैं।
Author: Pallavi Sharma


