Delhi News: देश के एजुकेशन सेक्टर के मौजूदा हालातों को देखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। शिक्षा जगत में फैले कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ पार्टी ने मंगलवार को दिल्ली में एक बड़े आंदोलन का औपचारिक ऐलान कर दिया है।
सीजेपी के इस बड़े विरोध प्रदर्शन में मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक भी शामिल होंगे। यह बड़ा आंदोलन आगामी शनिवार को आयोजित होगा। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग को लेकर इस देशव्यापी अभियान की रूपरेखा तैयार की है।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर खुद दी आंदोलन की जानकारी
कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की है। उन्होंने लिखा कि रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक 6 जून को इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। वे छात्रों के हक के लिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पुरजोर तरीके से उठाएंगे।
सोनम वांगचुक ने भी सोशल मीडिया पर अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। उन्होंने लिखा कि अगर 5 जून तक स्थितियां नहीं सुधरती हैं, तो वे 6 जून को दिल्ली में सीजेपी के सदस्यों के साथ जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी होने पर आत्मसम्मान वाले मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।
लाखों युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए आर-पार की जंग
वांगचुक के अनुसार शिक्षा व्यवस्था की विफलता का सीधा असर देश के लाखों युवाओं और भारत के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने पहले भी सीजेपी को अपना नैतिक समर्थन दिया था। उन्होंने मजाक में खुद को ‘ऑनरेरी कॉकरोच’ बताते हुए इस छात्र आंदोलन से प्रतीकात्मक रूप से खुद को जोड़ा था।
इस बड़े आंदोलन को धार देने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को अमेरिका से सीधे दिल्ली लौट रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि उनका यह शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं से जुड़ी गंभीर विफलताओं के खिलाफ जवाबदेही तय करने के लिए हो रहा है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पुलिस से मांगी जाएगी अनुमति
संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर छात्रों और समर्थकों से खास अपील की है। उन्होंने समर्थकों से एयरपोर्ट पर मिलने को कहा है। इसके बाद सभी कार्यकर्ता संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की आधिकारिक अनुमति मांगेंगे।
सोनम वांगचुक ने नीट, सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी-जीडी परीक्षाओं से जुड़ी कथित विसंगतियों का खुलकर उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थागत कमियों के कारण देश के करोड़ों छात्रों का करियर दांव पर लग गया है। इसलिए यह आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक और शांतिपूर्ण रहेगा।
Author: Harikarishan Sharma


