Business News: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के खजाने से देश के लिए बेहद गौरवशाली खबर आई है। केंद्रीय बैंक के गोल्ड रिजर्व की कुल वैल्यू इस समय करीब 11 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक बाजार में सोने की आसमान छूती कीमतों ने इस वैल्यू को बढ़ाया है।
एक साल में 64 फीसदी का बंपर उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तेज आंधी और डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी के कारण केवल एक साल में आरबीआई के गोल्ड रिजर्व की कीमत में लगभग 64% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चलन में मौजूद भारतीय मुद्रा को बैकअप देने वाले इश्यू डिपार्टमेंट के सोने की वैल्यू भी तेजी से बढ़ी है।
आरबीआई के दोनों विभागों का सोना चमका
आरबीआई के इश्यू डिपार्टमेंट के पास रखे सोने का मूल्य 64.1% बढ़कर 3,88,147.13 करोड़ रुपये हो गया है। दूसरी तरफ, बैंकिंग डिपार्टमेंट के पास मौजूद सोने और गोल्ड डिपॉजिट्स का कुल मूल्य भी 63.6% की छलांग लगाकर अब 7,06,162.36 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।
सिर्फ दो महीने में बढ़े 2 लाख करोड़ रुपये
मार्च 2026 के अंत तक आरबीआई के कुल सोने का मूल्य 9,42,699 करोड़ रुपये आंका गया था। वैश्विक समीकरणों के बदलने से महज दो महीने के भीतर 22 मई 2026 तक यह वैल्यू बढ़कर करीब 10,98,889 करोड़ रुपये हो गई। मात्रा के मुकाबले इसकी कीमत में ज्यादा बड़ा उछाल आया है।
आरबीआई के पास मौजूद है भारी मात्रा में सोना
केंद्रीय बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक भारत के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोने का विशाल भंडार था। पिछले साल के मुकाबले सोने की मात्रा में केवल 0.94 टन की ही मामूली बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन वैश्विक बाजार के चलते इसकी कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ी
पिछले दो वर्षों के भीतर भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी दोगुनी से भी अधिक हो गई है। मार्च 2026 के अंत तक आरबीआई की नेट फॉरेन एसेट्स (NFA) में सोने की हिस्सेदारी 17.2% पहुंच गई, जो साल 2024 में केवल 8.3% दर्ज की गई थी।
विदेशों से भारत वापस लाया जा रहा सोना
सुरक्षा के लिहाज से आरबीआई ने अपने सोने को भारत में ही रखने की नई रणनीति अपनाई है। इसी के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 168.06 मीट्रिक टन सोना विदेशों से भारत वापस लाया गया। वर्तमान में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़कर 65.54 लाख करोड़ रुपये हो चुका है।
Rajesh Kumar


