Himachal Pradesh News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में डिजिटल माध्यम से होने वाली आगामी राष्ट्रीय जनगणना को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने आम जनता से निदेशालय जनगणना द्वारा जारी किए गए विशेष ‘स्वगणना’ विकल्प का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने का आग्रह किया है। इसके लिए सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करें अपनी जानकारी
हिमाचल प्रदेश के आम नागरिक अब खुद अपनी जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर सकेंगे। लोग 1 जून से 15 जून, 2026 तक आधिकारिक स्वगणना पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपनी डिटेल्स भर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना हमारे लोकतंत्र और विकास की सबसे मजबूत रीढ़ की हड्डी होती है।
इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से सरकार को सटीक जनसंख्या और परिवारों की वास्तविक आर्थिक स्थिति का पता चलता है। नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं, आवास और विभिन्न महत्वपूर्ण संसाधनों के आंकड़े भी इसी माध्यम से एकत्रित किए जाते हैं। सही जानकारी मिलने से ही भविष्य के लिए बेहतर सरकारी योजनाएं बनाना संभव हो पाता है।
दो अलग चरणों में पूरी होगी पूरी डिजिटल जनगणना
हिमाचल प्रदेश में इस बार की पूरी जनगणना प्रक्रिया दो अलग चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण के तहत 16 जून से 15 जुलाई के बीच मकानों का सूचीकरण और मकान गणना का काम होगा। इसके बाद द्वितीय चरण में पूरी जनसंख्या की व्यापक गणना का काम पूरा किया जाएगा।
इस बार की जनगणना पूरी तरह से पेपरलेस और आधुनिक डिजिटल मोड में संचालित होगी। सभी प्रगणक और पर्यवेक्षक फील्ड में डेटा जुटाने के लिए अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करेंगे। वे मोबाइल ऐप के जरिए मकानों और परिवारों की गोपनीय जानकारी को तुरंत ऑनलाइन सिस्टम पर सुरक्षित अपलोड करेंगे।
बर्फबारी वाले दुर्गम क्षेत्रों के लिए विशेष शेड्यूल जारी
भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए हिमाच्छादित यानी बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए अलग शेड्यूल बना है। इन दुर्गम इलाकों में दूसरे चरण का काम 11 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 के बीच होगा। वहीं राज्य के बाकी शेष सामान्य मैदानी क्षेत्रों में यह कार्य 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2027 तक चलेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय महत्व के महाभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग फील्ड में आने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को बिल्कुल सही और सटीक जानकारी दें ताकि राज्य के विकास के लिए सही नीतियां बनाई जा सकें।
Author: Sunita Gupta

