मंडी नगर निगम में किसका बजेगा डंका, रविवार को खुलेगा भाजपा-कांग्रेस की किस्मत का पिटारा

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगमों के चुनाव नतीजों पर सबकी नजर टिकी है। मंडी नगर निगम की सत्ता किसके हाथ जाएगी, इसका फैसला रविवार को होगा। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय में सुबह नौ बजे मतगणना शुरू होगी। करीब एक घंटे में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

मंडी नगर निगम के प्रत्याशियों की किस्मत पिछले 14 दिनों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में बंद है। रविवार को ईवीएम खुलते ही जनता का जनादेश सामने आ जाएगा। चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों के साथ भाजपा और कांग्रेस की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।

सुबह नौ बजे शुरू होगी मतगणना

मतों की गिनती वल्लभ राजकीय महाविद्यालय के परीक्षा हाल में कराई जाएगी। प्रशासन ने इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतगणना सुबह ठीक नौ बजे शुरू होगी। माना जा रहा है कि सुबह 10 बजे तक मंडी नगर निगम की नई राजनीतिक तस्वीर लगभग साफ हो जाएगी।

इस चुनाव को इस बार बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। भाजपा के सामने अपने गढ़ को बचाने की चुनौती है। वहीं कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत लगाए हुए है। दोनों दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान जीत के बड़े दावे किए थे। अब असली फैसला मतगणना से होगा।

भाजपा के सामने पुराना प्रदर्शन दोहराने की चुनौती

पिछले नगर निगम चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था। पार्टी ने 15 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को सिर्फ चार सीटों पर संतोष करना पड़ा था। इस बार राजनीतिक हालात बदले हुए हैं। इसलिए भाजपा के लिए वही प्रदर्शन दोहराना आसान नहीं माना जा रहा है।

इस बार मंडी नगर निगम में 14 वार्डों में ही मतदान हुआ है। बैहना वार्ड के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया था। इस कारण वहां मतदान नहीं हो सका। बदले हुए गणित ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है। हर सीट अब ज्यादा अहम हो गई है।

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। भाजपा को उम्मीद है कि वह जनता के भरोसे फिर नगर निगम पर कब्जा बनाए रखेगी। कांग्रेस का दावा है कि इस बार लोगों ने बदलाव के पक्ष में वोट किया है। निर्दलीय उम्मीदवार भी कई वार्डों में समीकरण बदल सकते हैं।

बागियों और भितरघात से बढ़ी दलों की बेचैनी

चुनाव में सबसे बड़ी चिंता बागियों और भितरघात को लेकर है। टिकट न मिलने से नाराज कई नेता निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर गए। इससे भाजपा और कांग्रेस दोनों के आधिकारिक प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ीं। रविवार के नतीजे बताएंगे कि बागियों ने वोट बैंक में कितनी सेंध लगाई।

कई वार्डों में मुकाबला सीधा नहीं रहा। त्रिकोणीय और बहुकोणीय लड़ाई ने प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशी की छवि और संगठन की पकड़ ने चुनाव को प्रभावित किया। इसलिए जीत-हार का अंतर कई सीटों पर बेहद कम रह सकता है।

मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रशासन ने मतगणना को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराने के लिए कड़ी व्यवस्था की है। वल्लभ महाविद्यालय परिसर में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। मतगणना हाल में केवल अधिकृत अधिकारियों, कर्मचारियों और काउंटिंग एजेंटों को प्रवेश मिलेगा। बिना अनुमति किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी।

प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजरें सुबह से ही मतगणना केंद्र पर रहेंगी। हर राउंड के बाद वार्डों की स्थिति साफ होती जाएगी। नतीजों के साथ यह भी तय होगा कि मंडी नगर निगम में भाजपा अपना दबदबा बचाएगी या कांग्रेस बड़ा उलटफेर कर सत्ता की कुर्सी तक पहुंचेगी।

Author: Sunita Gupta

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