प्रॉपर्टी खरीदारों की खुली किस्मत, अब पुराने मालिकों को भी मिलेगा एक समान दाखिल खारिज शुल्क का बड़ा फायदा।

Business News: मकान, दुकान, भूखंड और फ्लैट खरीदने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नगर निगम ने अब सभी संपत्ति खरीदारों के लिए दाखिल खारिज (नामांतरण) का एक समान शुल्क निर्धारित कर दिया है। सरकार के इस फैसले से हजारों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

नगर निगम प्रशासन पहले यह विशेष सुविधा केवल 25 फरवरी के बाद संपत्ति खरीदने वाले नए लोगों को ही दे रहा था। लेकिन अब आम जनता की सहूलियत को देखते हुए जून महीने से इस नियम में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब पुराने खरीदारों को भी इसका लाभ मिलेगा।

तीन महीने पहले तक संपत्ति खरीदने वालों से पुराने नियम के तहत कुल कीमत का निर्धारित प्रतिशत शुल्क वसूला जा रहा था। अब जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नए के साथ-साथ पुराने खरीदारों से भी नगर निगम नए नियम के अनुसार एक समान तय शुल्क ही लेगा।

पुराने खरीदारों को प्रतिशत शुल्क से मिली बड़ी मुक्ति

इस बड़े कूटनीतिक बदलाव से वर्षों से लंबित पड़े दाखिल खारिज के मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा। लोग अब बिना किसी आर्थिक मानसिक दबाव के नामांतरण करा सकेंगे। इस पारदर्शी व्यवस्था से नगर निगम के राजस्व और आय में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

दरअसल नगर निगम ने दाखिल खारिज का एक समान शुल्क होली के त्योहार से पहले ही तय कर दिया था। लेकिन तकनीकी कारणों से पुराने खरीदारों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। पहले लोगों को कुल संपत्ति की कीमत का 0.5 प्रतिशत शुल्क जमा करना पड़ता था।

नए नियम के लागू होने से अब 50 लाख रुपये तक की भारी-भरकम संपत्ति का दाखिल खारिज कराने पर महज 10 हजार रुपये का शुल्क लिया जाएगा। नगर निगम ने भूखंड के क्षेत्रफल और संपत्ति के कुल मूल्य के आधार पर नया शुल्क ढांचा तैयार किया है।

क्षेत्रफल के अनुसार तय की गई नई प्रभार धनराशि

नए नियमों के तहत 1000 वर्गफीट तक के क्षेत्रफल के लिए 1000 रुपये शुल्क तय किया गया है। वहीं 1001 से 2000 वर्गफीट तक के लिए 2000 रुपये देने होंगे। 2001 से 3000 वर्गफीट तक 3000 रुपये और 3000 वर्गफीट से अधिक पर 5000 रुपये प्रभार लगेगा।

इसके अलावा संपत्ति के मूल्य के अनुसार पांच लाख रुपये तक की संपत्ति पर 1000 रुपये शुल्क लगेगा। पांच से 10 लाख रुपये तक 2000 रुपये और 10 से 15 लाख रुपये तक 3000 रुपये का प्रभार तय किया गया है। लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।

वहीं 15 से 50 लाख रुपये तक की प्रॉपर्टी पर 5000 रुपये और 50 लाख रुपये से ऊपर की सभी संपत्तियों पर अधिकतम 10 हजार रुपये शुल्क लगेगा। अधिकारियों के मुताबिक नया आदेश आने के बाद पुराने सभी जटिल नियम इसी व्यवस्था में समाहित हो गए हैं।

Author: Rajesh Kumar

Hot this week

Related Articles

Popular Categories