14 लाख के भुगतान के बदले मिला बंद खाते का चेक, देहरादून कारोबारी ने दिल्ली परिवार पर लगाया बड़ा धोखाधड़ी का आरोप

Dehradun News: देहरादून के एक स्क्रैप कारोबारी ने दिल्ली के कारोबारी परिवार पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि बकाया भुगतान के नाम पर उन्हें एक ऐसे बैंक खाते का चेक दिया गया, जो खाताधारक महिला की मृत्यु के बाद पहले ही बंद किया जा चुका था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इंदिरा नगर कॉलोनी निवासी संजय कपूर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह चरणदास इंटरप्राइजेज नामक फर्म का संचालन करते हैं। उनकी कंपनी इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप के कारोबार से जुड़ी है। संजय के अनुसार, दिल्ली स्थित मल्होत्रा इंटरप्राइजेज के साथ उनका लंबे समय से व्यापारिक संबंध था और दोनों पक्षों के बीच नियमित लेन-देन चलता था।

करोड़ों के कारोबार में फंसा भुगतान विवाद

शिकायत के अनुसार जनवरी 2022 से अगस्त 2022 के बीच संजय कपूर ने मल्होत्रा इंटरप्राइजेज को लगभग 72 लाख रुपये का इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप बेचा था। कारोबार पूरा होने के बाद अधिकांश भुगतान मिल गया, लेकिन करीब 14 लाख रुपये की राशि लंबे समय तक बकाया बनी रही। इसी रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ।

संजय कपूर का आरोप है कि उन्होंने कई बार बकाया भुगतान की मांग की। हर बार उन्हें पुराने कारोबारी संबंधों और भरोसे का हवाला देकर इंतजार करने को कहा गया। उन्होंने दावा किया कि लगातार आश्वासन मिलने के कारण उन्होंने कुछ समय तक कोई कानूनी कदम नहीं उठाया और भुगतान मिलने की उम्मीद बनाए रखी।

बैंक जांच में सामने आया चौंकाने वाला तथ्य

पीड़ित के मुताबिक बाद में बकाया राशि के भुगतान के लिए 13.37 लाख रुपये का चेक दिया गया। कारोबारी परिवार ने भरोसा दिलाया कि रकम जल्द खाते में पहुंच जाएगी। इसके बाद संजय कपूर ने 26 दिसंबर 2025 को वह चेक अपने बैंक खाते में जमा कर दिया और भुगतान का इंतजार करने लगे।

संजय कपूर ने बताया कि 5 जनवरी 2026 को बैंक ने चेक को “खाता बंद” टिप्पणी के साथ वापस कर दिया। इसके बाद उन्होंने बैंक अधिकारियों से संपर्क किया। जांच में पता चला कि जिस खाते का चेक दिया गया था, वह खाताधारक महिला किरन मल्होत्रा की मृत्यु के बाद स्थायी रूप से बंद किया जा चुका था।

मृत महिला के खाते का चेक देने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि कारोबारी परिवार को खाते की वास्तविक स्थिति की जानकारी थी। इसके बावजूद भुगतान के नाम पर बंद खाते का चेक दिया गया। उनका कहना है कि यह केवल भुगतान में देरी का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला है। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

वसंत विहार थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपों की जांच की जा रही है। लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Author: Harish Rawat

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