Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में अदालत ने एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को बेहद कड़ी सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष जज नरेश ठाकुर की अदालत ने इस शर्मनाक मामले में दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को 22-22 साल के कठोर कारावास की सजा दी है।
अदालत ने जेल के साथ लगाया भारी जुर्माना
विशेष अदालत ने दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जेल की सजा काटने के साथ ही उन्हें यह राशि चुकानी होगी। सजा पाने वाले अपराधियों की पहचान सन्नी उर्फ गुरप्रीत और कार्तिक के रूप में हुई है। इनमें से सन्नी पंजाब के जालंधर का रहने वाला है और कार्तिक ऊना का निवासी है।
ट्रक चालक ने दोस्ती के बाद दिया धोखा
जिला न्यायवादी एकलव्य ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित 16 वर्षीय नाबालिग लड़की 11वीं कक्षा की छात्रा है। उसकी दोस्ती पालकवाह में ट्रक चलाने वाले सन्नी से फोन पर हुई थी। सन्नी ने उसे पीर निगाह में माथा टेकने के बहाने बुलाया। इसके बाद उसका दोस्त कार्तिक पीड़िता को स्कूटी पर लेकर वहां पहुंचा।
जबरन शराब पिलाकर रातभर किया सामूहिक दुष्कर्म
दोनों आरोपी लड़की को रात आठ बजे पीर निगाह के पास एक दुकान के कमरे में ले गए। वहां उन्होंने नाबालिग को जबरन शराब पिलाई और गुरप्रीत ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद रात 12 बजे आरोपी उसे नशे की हालत में स्कूटी पर पालकवाह ले गए और दोनों ने फिर हैवानियत की।
सुबह चाचा की कार की डिक्की में मिली पीड़िता
सुबह जब पीड़िता को होश आया तो उसने खुद को अपने चाचा की कार की डिक्की के अंदर पाया। घबराई हुई पीड़िता ने तुरंत अपने परिवार को फोन कर इस खौफनाक वारदात की जानकारी दी। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जिसके बाद पुलिस ने पोस्को एक्ट और आईपीसी के तहत केस दर्ज किया।
अदालत में 19 गवाहों ने बयां की सच्चाई
महिला पुलिस थाना को 26 मई 2024 को इस घटना की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़िता का मेडिकल कराया और कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सरकारी वकील एकलव्य ने अदालत में मजबूत पैरवी की और 19 गवाहों को पेश किया। गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
Author: Sunita Gupta


