Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों के तबादला नियमों में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार ने इस संबंध में नया आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है। सरकार का यह नया कड़ा फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो चुका है।
कार्मिक विभाग ने सरकारी कर्मचारियों के तबादलों से संबंधित नियम प्रक्रिया के पैरा 22ए में एक और महत्वपूर्ण संशोधन किया है। सरकार के इस कदम से अब कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर आर्डर के खिलाफ मनमर्जी करना आसान नहीं होगा। नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को एक तय प्रक्रिया का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
पुराने नियम के तहत विभाग में रिप्रेजेंटेशन देना था बेहद जरूरी
इस नए संशोधन से पहले नियमों में एक अलग तरह का प्रावधान किया गया था। पुराने नियम के मुताबिक, यदि किसी सरकारी कर्मचारी को अपने ट्रांसफर आर्डर के खिलाफ कोई शिकायत या अपील करनी होती थी, तो उसे सबसे पहले अपने संबंधित विभाग में ही एक लिखित रिप्रेजेंटेशन यानी प्रतिवेदन देना पड़ता था।
पुराने नियमों के तहत कर्मचारी के उस लिखित रिप्रेजेंटेशन पर संबंधित विभाग को 30 दिनों के भीतर अपना फैसला सुनाना होता था। विभाग का निर्णय आने के बाद ही कर्मचारी आगे की कोई कानूनी कार्रवाई कर सकता था। लेकिन अब सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने के लिए इस पुराने नियम को पूरी तरह बदल दिया है।
सीधा कोर्ट जाने वाले कर्मचारियों पर अब होगी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई
कार्मिक विभाग द्वारा किए गए नए संशोधन के अनुसार, यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने ट्रांसफर आर्डर के खिलाफ विभाग में बिना शिकायत दर्ज किए सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाता है, तो सरकार इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानेगी। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी उस कर्मचारी के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकता है।
इस तरह की बड़ी अनुशासनहीनता से निपटने के लिए राज्य सरकार अब ‘सेंट्रल सिविल सर्विसेज रूल्स 1965’ में दिए गए कड़े प्रावधानों का पूरी ताकत से इस्तेमाल करेगी। इन नियमों के तहत दोषी पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारी को सस्पेंशन (निलंबन) तक की बड़ी सजा भुगतनी पड़ सकती है। इस नए बदलाव से कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
ज्वाइंट सेक्रेटरी ने जारी किया ऑफिस मेमोरेंडम, सभी जिलाधीशों को दी जानकारी
नियमों में इस नए प्रावधान के जुड़ने से अब ट्रांसफर आर्डर के खिलाफ सीधा कोर्ट जाने की प्रथा पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी। कार्मिक विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी ने इस संबंध में एक विस्तृत ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया है। राज्य सरकार ने इस नए कड़े आदेश को पूरे प्रदेश में तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधीशों (डीसी) को इस नए नियम की लिखित जानकारी भेज दी गई है। अब से सभी विभागों को इस आदेश का सख्ती से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कर्मचारी को सरकार किसी भी सूरत में बख्शने के मूड में नहीं है।
Author: Sunita Gupta


