Delhi News: आजकल खुद को फिट और सेहतमंद रखने के लिए लोग जिम, योग और रनिंग जैसी कई तरह की फिजिकल एक्टिविटीज का सहारा लेते हैं। नियमित वर्कआउट करने से न केवल वजन नियंत्रित रहता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी काफी हद तक बेहतर बना रहता है।
हालांकि, कई बार एक्सरसाइज के दौरान या उसके तुरंत बाद मांसपेशियों में अचानक तेज दर्द, खिंचाव या ऐंठन यानी मसल क्रैम्प्स की गंभीर समस्या होने लगती है। यह परेशानी ज्यादातर उन लोगों में देखी जाती है जो बिना किसी तैयारी के सीधे हैवी वर्कआउट शुरू कर देते हैं।
बिना वॉर्म-अप भारी कसरत करने से बढ़ता है चोट का खतरा
बिना शरीर को तैयार किए सीधे हैवी एक्सरसाइज शुरू करने से मांसपेशियों पर अचानक बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है। इसलिए वर्कआउट शुरू करने से पहले कम से कम पांच से दस मिनट तक वॉर्म-अप जरूर करें। हल्की जॉगिंग या बॉडी मूवमेंट्स करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
अक्सर लोग जोश में आकर शुरुआत में ही अपनी क्षमता से ज्यादा भारी वर्कआउट करने लगते हैं। यह गलती मांसपेशियों को बुरी तरह चोटिल कर सकती है। हमेशा धीरे-धीरे कसरत की तीव्रता बढ़ानी चाहिए। अगर शरीर में पहले से बहुत ज्यादा थकान या दर्द हो, तो जबरदस्ती एक्सरसाइज बिल्कुल न करें।
डिहाइड्रेशन और खाली पेट कसरत करने की भूल पड़ेगी भारी
शरीर में पानी की कमी होना मसल क्रैम्प्स का सबसे बड़ा और मुख्य कारण माना जाता है। डिहाइड्रेशन की वजह से मांसपेशियां सुचारू रूप से काम करना बंद कर देती हैं। इसलिए कसरत से पहले पर्याप्त पानी पिएं। ज्यादा पसीना आने की स्थिति में इलेक्ट्रोलाइट्स वाले ड्रिंक्स का सेवन करें।
सुबह या शाम को बिना कुछ खाए खाली पेट एक्सरसाइज करने से शरीर में एनर्जी का लेवल एकदम गिर जाता है। इससे मसल्स में कमजोरी और खिंचाव आने लगता है। वर्कआउट शुरू करने से आधे घंटे पहले केला, ओट्स या ड्राई फ्रूट्स जैसे हल्के और हेल्दी स्नैक्स का सेवन जरूर करना चाहिए।
अक्सर लोग वर्कआउट खत्म करते ही सीधे घर लौट आते हैं, जो कि बेहद गलत तरीका है। कसरत के बाद पांच मिनट कूल-डाउन और स्ट्रेचिंग तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है। इससे मांसपेशियों को तुरंत रिलैक्स होने में मदद मिलती है और अचानक होने वाले दर्द से हमेशा के लिए राहत मिल जाती है।
Author: Asha Thakur


