Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर योगी सरकार सोमवार को एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर होने वाली कैबिनेट बैठक में पंचायतीराज विभाग के एक बेहद महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है।
प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन करने जा रही है। यह प्रस्तावित नया आयोग मुख्य रूप से सूबे की पंचायतों में पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक स्थिति, उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सटीक जनसंख्या अनुपात का गहराई से अध्ययन करेगा।
इस विशेष आयोग की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही आने वाले समय में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत स्तर पर ओबीसी (OBC) आरक्षण का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। सरकार यह पूरी कवायद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ‘ट्रिपल टेस्ट’ के कड़े नियमों के अनुरूप करा रही है।
न्यायिक चुनौती से बचने के लिए ‘ट्रिपल टेस्ट’ का सहारा
आरक्षण व्यवस्था भविष्य में किसी भी न्यायिक चुनौती में मजबूती से टिक सके, इसीलिए ग्रामीण निकायों के लिए यह अलग समर्पित आयोग बनाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस हाई-प्रोफाइल आयोग में कुल पांच सदस्य शामिल होंगे, जिसकी कमान उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी जाएगी।
लखनऊ मुख्यालय वाले इस आयोग का कुल कार्यकाल छह महीने का होगा, लेकिन इसे शुरुआती तीन माह के भीतर ही अपनी पहली रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। यह आयोग उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग से बिल्कुल अलग होगा और इसका कार्यक्षेत्र केवल ग्रामीण स्थानीय निकायों में आरक्षण के अध्ययन तक ही सीमित रहेगा।
गौरतलब है कि ट्रिपल टेस्ट के तहत राज्य सरकार को एक समर्पित आयोग बनाकर स्थानीय निकायों में पिछड़ों की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का आकलन करना होता है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना अनिवार्य होता है कि राज्य में कुल आरक्षण की सीमा किसी भी हाल में 50 प्रतिशत से अधिक न हो।
पशु चिकित्सा छात्रों को कैबिनेट से मिल सकता है बड़ा तोहफा
इसी कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार पशु चिकित्सा के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता वर्तमान के मुकाबले सीधे तीन गुना बढ़ाने की तैयारी में है। छात्रों के इस भत्ते को 4,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर सीधे 12,000 रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को आज मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है।
सरकार के इस कल्याणकारी फैसले का सीधा लाभ मथुरा, अयोध्या और मेरठ के सरकारी कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 300 छात्रों को मिलेगा। इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार के खजाने पर सालाना लगभग 4.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक व्यय भार आना तय है।
ये छात्र इंटर्नशिप के दौरान पशु चिकित्सालयों, प्रयोगशालाओं और चिड़ियाघरों में बेहद कठिन परिस्थितियों में आपातकालीन सेवाएं देते हैं। वर्तमान में हरियाणा और कर्नाटक में इन छात्रों को 14,000 रुपये और केरल में 20,000 रुपये प्रतिमाह तक का भारी इंटर्नशिप भत्ता दिया जा रहा है।
Author: Ajay Mishra


