Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले अंतर्गत उल्हासनगर में मानवता को पूरी तरह से शर्मसार करने वाली एक जघन्य घटना सामने आई है। यहां एक स्थानीय मंदिर में प्रवेश करने को लेकर उपजे विवाद के बाद दबंगों ने एक ही परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने न सिर्फ पीड़ित परिवार की महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि सरेराह उनके कपड़े फाड़ दिए, बाल काट दिए और चप्पलों की माला पहनाकर करीब दो किलोमीटर तक सड़क पर घुमाया।
स्थानीय जात पंचायत ने परिवार का कर रखा था सामाजिक बहिष्कार
यह खौफनाक और अमानवीय मामला उल्हासनगर कैंप-3 के अंतर्गत आने वाले वाघरी नगर इलाके का है। पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय जात पंचायत ने पीड़ित परिवार का काफी समय से सामाजिक बहिष्कार कर रखा था। इसके साथ ही पंचायत के रसूखदार लोगों ने इस परिवार के स्थानीय मंदिर में प्रवेश करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। पीड़ित परिवार लगातार इस मनमाने और गैरकानूनी प्रतिबंध का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहा था।
धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर पहुंचे युवक पर लाठी-डंडों से हमला
वारदात वाले दिन मंदिर परिसर के भीतर एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम और पारंपरिक सामुदायिक भोज का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान पीड़ित परिवार का एक युवक भी वहां पहुंच गया। युवक का स्पष्ट तर्क था कि उसके परिवार ने कोई अपराध नहीं किया है, इसलिए उन्हें भगवान के दर्शन से नहीं रोका जा सकता। पाबंदी के बावजूद युवक जैसे ही मंदिर के मुख्य परिसर में दाखिल हुआ, वहां मौजूद कुछ रूढ़िवादी लोग बुरी तरह भड़क उठे।
दबंगों ने पीड़ित परिवार के घर को घेरा, पुरुषों की बेरहमी से पिटाई की
युवक के मंदिर में प्रवेश करने से नाराज दर्जनों लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर पीड़ित परिवार के घर पर धावा बोल दिया। उपद्रवियों ने सबसे पहले घर के भीतर मौजूद पुरुषों को खींचकर बाहर निकाला और उनकी बेरहमी से पिटाई की। चीख-पुकार सुनकर जब परिवार की महिलाएं पुरुषों को बचाने के लिए आगे आईं, तो हिंसक भीड़ ने उन्हें भी निशाना बनाना शुरू कर दिया और उनके साथ अभद्रता की।
थाने जा रही महिलाओं को रास्ते में बंधक बनाकर किया घोर अपमानित
इस हिंसक हमले के अगले दिन जब पीड़ित परिवार की न्यायप्रिय महिलाएं न्याय की गुहार लगाने के लिए पुलिस स्टेशन जा रही थीं, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें बीच सड़क पर ही जबरन रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने कानून को ताक पर रखकर महिलाओं को सड़क पर घसीटा और सार्वजनिक रूप से उनके कपड़े फाड़ दिए। इतना ही नहीं, उनके सिर के बाल काटकर उन्हें जबरन चप्पलों की माला पहनाई गई।
भीड़ तमाशबीन बनकर बनाती रही वीडियो, किसी ने नहीं की मदद की कोशिश
अमानवीयता की पराकाष्ठा पार करते हुए दबंगों ने इन पीड़ित महिलाओं को अपमानित अवस्था में करीब दो किलोमीटर तक मुख्य सड़क पर पैदल घुमाया। इस पूरी खौफनाक वारदात के दौरान तमाशबीन बने सैकड़ों लोग मूकदर्शक बनकर अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। सार्वजनिक स्थल पर कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ती रहीं, लेकिन असहाय महिलाओं की चीखें सुनने के बाद भी कोई भी राहगीर उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तुरंत हरकत में आई पुलिस
इस बर्बर घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ, वैसे ही पुलिस प्रशासन पर सख्त कार्रवाई करने का भारी दबाव बन गया। घटना से पूरे क्षेत्र के नागरिकों में गहरा आक्रोश फैल गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है।
एसीपी शैलेश काले ने की पुष्टि, दो महिला आरोपी गिरफ्तार और पांच फरार
उल्हासनगर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) शैलेश काले ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस स्टेशन में सात नामजद आरोपियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले में संलिप्त दो मुख्य महिला आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल अन्य पांच आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।


