Africa News: दुनिया में खतरनाक महामारियों का भारी खतरा बहुत तेजी से बढ़ रहा है। हंतावायरस का प्रकोप अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि इबोला ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। यह जानलेवा वायरस अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहा है। कांगो और युगांडा में इस गंभीर बीमारी से कई लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। खराब स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण इन देशों में मौतों का सटीक आंकड़ा जुटाना बहुत ही मुश्किल काम हो रहा है। स्वास्थ्य एजेंसियां इसे लेकर बेहद सतर्क हैं।
युगांडा में इबोला वायरस का खतरनाक संक्रमण
युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को एक अत्यंत संक्रामक इबोला वायरस बीमारी फैलने की आधिकारिक पुष्टि की है। यह भयंकर प्रकोप मुख्य रूप से इबोला के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के कारण तेजी से फैल रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह संक्रमण सीधे डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो से युगांडा में आया था। मरीज में अचानक भारी रक्तस्राव के गंभीर लक्षण दिखाई दिए थे। इसके बाद चौदह मई को गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई।
कांगो में अस्सी लोगों की गई जान
कांगो के पूर्वी इटुरी प्रांत में इबोला के प्रकोप ने कहर बरपाया है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यहां अब तक अस्सी लोगों की जान जा चुकी है। गुरुवार को बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के आठ नए मामलों की पुष्टि हुई है। मंत्रालय ने बताया कि अब तक दो सौ छियालीस संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं। पहला मामला एक नर्स का था जिसमें बुखार और खून बहने के लक्षण दिखे थे।
अफ्रीका सीडीसी की आपातकालीन बैठक
अफ्रीका की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन बैठक बुलाई है। उन्होंने बताया कि कांगो के इटुरी प्रांत में इबोला तेजी से फैल रहा है। इस खतरनाक वायरस से पैंसठ मौतों की प्रारंभिक पुष्टि पहले ही हो चुकी है। रोग नियंत्रण केंद्र इस संकट से निपटने के लिए दक्षिण सूडान और वैश्विक सहयोगियों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। सीमा पार कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है।
इबोला वायरस के नए स्ट्रेन की जांच
स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक ज्यादातर मौतें और संदिग्ध मामले मोंगवालू तथा रवाम्पारा क्षेत्रों में अधिक पाए गए हैं। प्रांतीय राजधानी बुनिया में भी कई संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है। शुरुआती जांच रिपोर्ट से पता चलता है कि यह इबोला का एक बिल्कुल नया गैर-ज़ायर स्ट्रेन हो सकता है। इस रहस्यमयी वायरस की सटीक पहचान करने के लिए वैज्ञानिक लगातार काम कर रहे हैं। प्रयोगशालाओं में जीनोम अनुक्रमण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
क्रूज शिप पर फैला हंतावायरस का कहर
इबोला के अलावा दुनिया में हंतावायरस का खतरा भी कम नहीं हो रहा है। एमवी होंडियस नामक एक क्रूज शिप पर कई यात्री इस वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। संक्रमण फैलने के बाद इस जहाज को पूरी तरह खाली करा लिया गया है। सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके देश वापस भेजा जा रहा है। हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों के मल और लार से दूषित हवा के जरिए सीधे इंसानों में प्रवेश करता है।
एंडीज स्ट्रेन से मानव संक्रमण का खतरा
क्रूज जहाज पर फैला यह हंतावायरस मुख्य रूप से खतरनाक एंडीज स्ट्रेन से जुड़ा हुआ है। यह विशेष स्ट्रेन दक्षिण अमेरिका के ग्रामीण इलाकों में बहुत ज्यादा पाया जाता है। सबसे डरावनी बात यह है कि केवल यही स्ट्रेन एक इंसान से दूसरे इंसान में तेजी से फैलता है। अभी तक संक्रमण के असली स्रोत का पता नहीं चल पाया है। अर्जेंटीना के स्वास्थ्य अधिकारी इस गंभीर प्रकोप की पूरी जड़ तलाशने में बहुत ही बारीकी से जुटे हुए हैं।


