आंगनबाड़ी भर्ती में ‘स्मार्ट’ बनने की कोशिश पड़ी भारी, एक से ज्यादा वार्डों में आवेदन करने पर फंसी 4000 महिलाएं

Uttar Pradesh News: बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती के दौरान नौकरी पाने का लालच अब कई आवेदकों के लिए गले की फांस बन गया है। शहर में रिक्त 200 से अधिक पदों के लिए करीब चार हजार महिलाओं ने आवेदन किया था, लेकिन चालाकी से ज्यादा मौके पाने की कोशिश में भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में जाकर अटक गई है। कई आवेदकों ने नियम विरुद्ध जाकर एक से अधिक वार्डों से आवेदन कर दिया, जिसे अब विभाग ने गंभीरता से लिया है।

ऑनलाइन सिस्टम ने पकड़ी चालाकी और 25 आवेदन संदिग्ध

जांच के दौरान सामने आया कि करीब 25 ऐसे मामले हैं जहां एक ही महिला का नाम कई वार्डों की मेरिट सूची में शामिल है। नियम के अनुसार आवेदक केवल अपने ही स्थायी वार्ड से आवेदन करने के लिए पात्र होता है। विशेषकर उन मुहल्लों में यह समस्या ज्यादा आई जो दो वार्डों की सीमा पर स्थित हैं। आवेदकों ने सोचा कि अलग-अलग वार्डों से दावेदारी करने पर चयन पक्का हो जाएगा, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम ने इस दोहराव को तुरंत पकड़ लिया।

नियुक्तियों पर लगी रोक और चयन सूची हुई प्रभावित

इस गड़बड़ी के कारण फिलहाल शहर क्षेत्र की सभी नियुक्तियां स्थगित कर दी गई हैं। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि एक ही उम्मीदवार का चयन कई स्थानों पर हो गया है, जिससे अंतिम चयन सूची (Final Merit List) तैयार करना असंभव हो गया है। जब तक हर एक आवेदन का पूरी तरह सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। इस लापरवाही ने पात्र उम्मीदवारों के लिए भी इंतजार लंबा कर दिया है।

विकास भवन में दस्तावेजों की गहन जांच शुरू

इन दिनों विकास भवन में बड़ी संख्या में महिला आवेदक दस्तावेजों के सत्यापन (Verification) के लिए पहुँच रही हैं। यहां उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण और अन्य कागजातों की बारीकी से जांच की जा रही है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निगरानी टीम भी तैनात की गई है। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी अपात्र व्यक्ति या गलत जानकारी देने वाला आवेदक इस सरकारी प्रक्रिया का अनुचित लाभ न उठा सके।

नगर निगम और सीडीपीओ करेंगे क्रॉस वेरिफिकेशन

जिले में कुल 1000 पदों के सापेक्ष करीब 500 नियुक्तियां ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी कर ली गई हैं। शहरी क्षेत्र में फंसे इस पेंच को सुलझाने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के माध्यम से क्रॉस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इसके साथ ही नगर निगम से वार्डों की सटीक सीमाओं और आवेदकों के वास्तविक निवास स्थान की रिपोर्ट मांगी गई है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही एक उम्मीदवार का चयन केवल एक ही वैध वार्ड में मान्य किया जाएगा।

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