World News: इजरायली हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसिरी मारे गए। वे उन कुछ बड़े नामों में से एक थे, जिन्हें अमेरिकी-इजरायली हमलों के दौरान कई बार निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। तंगसिरी साल 2018 से आईआरजीसी के कमांडर की भूमिका संभाल रहे थे और 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद उनकी जिम्मेदारी होर्मुज को ब्लॉक रखने की थी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में 95% शिपिंग घटी
तंगसिरीके कड़े नियंत्रण की वजह से होर्मुज से रोजाना होने वाली ऊर्जा की शिपिंग में 95 प्रतिशत की गिरावट आई है। शिपिंग इंडस्ट्री की जानकारी देने वाली साइट ‘लायड्स लिस्ट’ के अनुसार इस चैनल से आम तौर पर रोजाना करीब 120 जहाज गुजरते थे। एनालिटिक्स फर्म कप्लेर के आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से 25 मार्च के बीच सामान ले जाने वाले जहाजों ने सिर्फ 155 बार ही इस रास्ते का इस्तेमाल किया, जो 95 प्रतिशत की गिरावट है।
कौन थे अलीरेजा तंगसिरी?
तंगसिरीअपने कट्टर रुख के लिए जाने जाते थे और वे अक्सर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देते थे। वो फारसी खाड़ी में विदेशी नौसैनिक जहाजों के खिलाफ स्मार्ट स्पीडबोट और ड्रोन के इस्तेमाल की वकालत करते थे। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाले सभी यातायात पर 24 घंटे खुफिया निगरानी अनिवार्य कर रखी थी और यह नियम बना दिया था कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को ईरानी अधिकारियों से पहले इजाजत लेनी होगी।
होर्मुज को अभेद्य किले में बदल दिया था
पाकिस्तान केकराची की तरफ जाने वाले एक जहाज को उनके कहने पर ही होर्मुज से वापस कर दिया गया था। उन्होंने होर्मुज क्षेत्र के ईरानी द्वीपों को अभेद्य किलों में बदल दिया था। अमेरिका के हमलों के दौरान होर्मुज को कैसे बंद रखना है, इसकी तैयारी उन्होंने कई महीने पहले ही शुरू कर दी थी। उन्होंने अमेरिका की बड़ी नौसेना का मुकाबला करने के लिए छोटी लेकिन तेज रफ्तार चलने वाली बोट, ड्रोन और मिसाइल प्रणालियों का इस्तेमाल शुरू किया था, जिसका काफी असर देखने को मिला। तंगसिरी की मौत के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के नियंत्रण पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच तनाव जारी है।

