International News: अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, अमेरिका मध्य पूर्व में ईरान पर हमले तेज करने के लिए 10 हजार अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहा था। इस पर ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने पहले पन्ने पर ‘नरक में आपका स्वागत है’ की सुर्खी लगाई। अखबार ने लिखा कि ईरानी धरती पर कदम रखने वाले अमेरिकी सैनिक केवल ताबूत में लौटेंगे।
ट्रंप के शांति वार्ता के दावे को ईरान ने खारिज किया
अमेरिकीराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे थे कि ईरान से शांति वार्ता चल रही है। 26 मार्च को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बातचीत जारी है। लेकिन ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरान ने स्पष्ट किया कि ट्रंप के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है और न हो रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने ईरानी ऊर्जा क्षेत्र पर हमलों पर रोक 6 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
अमेरिका ने जारी किए हवाई हमलों के फुटेज, ईरान ने दुबई में ठिकानों पर किए हमले
ट्रंप केदावों के विपरीत, क्षेत्र में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। 28 मार्च को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी नौसैनिक जहाजों पर हवाई हमलों का फुटेज जारी किया। कमांड ने कहा कि ईरानी जहाजों ने दशकों से क्षेत्रीय जलमार्गों में शिपिंग को धमकी दी थी, लेकिन अब यह दिन खत्म हो गए हैं। वहीं, ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज ने दावा किया कि दुबई में अमेरिकी सेना के दो छिपे ठिकानों पर हमले में अमेरिका को भारी नुकसान हुआ। आईआरजीसी ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से 500 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया।
ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय देशों को दी चेतावनी
बढ़तेतनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने क्षेत्रीय देशों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल को अपनी भूमि का उपयोग ईरान पर हमला करने के लिए न करने दें। उन्होंने कहा कि ईरान पूर्वव्यापी हमला नहीं करता है। लेकिन अगर बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया तो जोरदार जवाब दिया जाएगा। जो देश स्थिरता चाहते हैं, उन्हें दुश्मनों को अपनी धरती से युद्ध छेड़ने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।


