Global Health News: खतरनाक हंतावायरस संक्रमण का एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक अमेरिकी नागरिक इस वायरस की चपेट में आया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, यह नागरिक अमेरिका में मौजूद नहीं था। उसे उस स्थान से रेस्क्यू किया गया है जहां हंतावायरस तेजी से फैल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित में फिलहाल संक्रमण के कोई भी बाहरी लक्षण नहीं दिख रहे हैं। इसके बावजूद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिसने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार देर रात इस स्थिति पर आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि एमवी होंडियस (MV Hondius) नामक पोत से 17 अमेरिकी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया था। इन सभी यात्रियों की गहन चिकित्सा जांच की गई। जांच रिपोर्ट में एक यात्री के हंतावायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। हालांकि पीड़ित में लक्षण नहीं हैं, लेकिन उसे निगरानी में रखा गया है। अन्य यात्रियों की सेहत पर भी विभाग लगातार पैनी नजर रख रहा है।
सैन्य विमानों से रेस्क्यू और अंतरराष्ट्रीय अलर्ट
हंतावायरस प्रभावित क्रूज जहाज से यात्रियों को निकालने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। रविवार को यात्रियों को सैन्य और सरकारी विमानों के जरिए उनके घरों के लिए रवाना किया गया। यह क्रूज जहाज फिलहाल कैनरी द्वीप समूह में रुका हुआ है। निकासी के दौरान केवल अमेरिकी ही नहीं, बल्कि एक फ्रांसीसी यात्री में भी वायरस के संदिग्ध लक्षण देखे गए। अमेरिकियों को लेकर आ रहा विशेष विमान सोमवार तड़के ओमाहा, नेब्रास्का पहुंचने की उम्मीद है।
स्पेन सरकार ने भी इस संकट को देखते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। हंतावायरस प्रभावित पोत से स्पेनी यात्रियों को लेकर पहला विमान मैड्रिड के लिए उड़ान भर चुका है। ये सभी यात्री टेनेरीफ से रवाना हुए हैं। स्पेन के स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एमवी होंडियस से उतरने वाले इन नागरिकों को सीधे सैन्य अस्पताल ले जाया जाएगा। वहां सभी यात्रियों को कड़े पृथकवास (Quarantine) में रखकर उनकी निगरानी की जाएगी।
चूहों से फैलने वाला यह वायरस कितना खतरनाक है?
हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों और गिलहरी जैसे कुतरने वाले जीवों के जरिए फैलता है। जब लोग इन जीवों के मल या मूत्र से दूषित हवा में सांस लेते हैं, तो संक्रमित हो जाते हैं। आमतौर पर यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में आसानी से नहीं जाता है। हालांकि, क्रूज पोत पर मिला ‘एंडीज वायरस’ एक दुर्लभ अपवाद है। यह विशेष स्ट्रेन एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने की क्षमता रखता है। इसके लक्षण एक से आठ हफ्ते में दिखते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हंतावायरस का बिना लक्षणों वाला मामला अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति अनजाने में दूसरों तक वायरस पहुंचा सकता है। एमवी होंडियस पर फैले इस संक्रमण के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंदरगाहों की निगरानी बढ़ा दी गई है। शोधकर्ता अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्रूज पर यह संक्रमण कैसे पहुंचा। फिलहाल सभी देशों को अपने नागरिकों की स्क्रीनिंग तेज करने की सलाह दी गई है।


