Tehran News: ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद कर दिया है। इस फैसले से अमेरिका के साथ हुआ नाजुक युद्धविराम समझौता टूटने की कगार पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जवाब में ईरान पर हवाई हमलों का तीसरा दौर शुरू किया है। इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अमेरिकी हवाई हमलों से बढ़ा तनाव और नुकसान
ईरान का दावा है कि एक विदेशी जहाज द्वारा अनधिकृत मार्ग का उपयोग करने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया। अमेरिकी हमलों का उद्देश्य नागरिक जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को कम करना है। इस ताजा संघर्ष में साइप्रस के झंडे वाले एक बड़े कंटेनर जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है।
इस भीषण समुद्री हमले के बाद जहाज का एक चालक दल सदस्य लापता बताया जा रहा है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई है। उन्होंने इस सैन्य बदले को पूरे ईरानी राष्ट्र की इच्छा और उनका प्रमुख संकल्प बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और ओमान की मध्यस्थता
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की हजारों अत्याधुनिक मिसाइलें पूरी तरह तैयार हैं। इस बीच, ओमान इस गंभीर तनाव को कम करने के लिए ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
ओमान राजनीतिक और तकनीकी स्तर पर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहा है। इस नए विवाद के कारण पूरी दुनिया में एक बार फिर बड़ा वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। इस युद्ध से पहले दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और गैस इसी समुद्री रास्ते से गुजरता था।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हालिया अमेरिकी हवाई हमलों में अब तक 17 लोगों की मौत हो गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। सभी प्रमुख वैश्विक शक्तियां इस संवेदनशील स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

