Russia News: यूक्रेन के भीषण ड्रोन हमलों के कारण रूस के नोवोसिबिर्स्क क्षेत्र में गंभीर ईंधन संकट पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से निजी कारों का उपयोग कम करने की अपील की है। इसके साथ ही अधिकारियों ने कंपनियों को अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम कराने का नया आधिकारिक निर्देश भी जारी कर दिया है।
यूक्रेनी हमलों से तबाह हुआ रूस का बड़ा ऑयल रिफाइनरी इंफ्रास्ट्रक्चर
रूस का नोवोसिबिर्स्क क्षेत्र साइबेरिया का एक प्रमुख आर्थिक और मैन्युफैक्चरिंग हब माना जाता है। लगभग 30 लाख की आबादी वाला यह पूरा इलाका इस समय तेल की भारी किल्लत से जूझ रहा है। दरअसल, इसी हफ्ते यूक्रेन ने ओम्स्क शहर में स्थित एक बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाकर भीषण हमला किया था।
इस बड़े हमले के बाद रूस की यह सबसे मुख्य तेल प्रोसेसिंग यूनिट पूरी तरह बंद हो गई है। रिफाइनरी के बंद होने से बाजार में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। स्थानीय प्रशासन अब इस भारी कमी से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
रूस के 90 फीसदी इलाकों में पेट्रोल पंपों पर शुरू हुई राशनिंग
रूसी मीडिया और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, जून महीने से ही देश के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सों में ईंधन की भारी किल्लत बनी हुई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई पेट्रोल स्टेशनों पर अब तेल की सख्त राशनिंग शुरू कर दी गई है। लोग कतारों में खड़े हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा और जमाखोरी को रोकने के लिए जेरी कैन या खुले डिब्बों में ईंधन भरने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सरकारी आदेश में नियोक्ताओं से कहा गया है कि वे ईंधन की दैनिक खपत घटाने के लिए अपने स्टाफ को घर से ही काम करने की पूरी सुविधा उपलब्ध कराएं।
गौरतलब है कि पिछले साढ़े चार साल से जारी इस लंबे युद्ध में यूक्रेन ने लगातार रूस के ऊर्जा और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपना मुख्य निशाना बनाया है। यूक्रेनी सेना का दावा है कि ये रणनीतिक हमले उसके अपने नागरिकों और शहरों पर हुए रूसी हवाई हमलों का एक सीधा और करारा जवाब हैं।

