जेफ्री एपस्टीन मामले में बिल गेट्स का बड़ा खुलासा: अमेरिकी जांच समिति के सामने कबूली ब्लैकमेलिंग की बात

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Washington News: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स एक बार फिर इंटरनेशनल मीडिया की सुर्खियों में हैं। अमेरिकी कांग्रेस की एक जांच कमेटी के सामने दिए अपने बयान में उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया है। गेट्स ने माना कि उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ गुप्त जानकारियां दिवंगत बिजनेसमैन और यौन अपराधों के आरोपी जेफ्री एपस्टीन के पास थीं।

बिल गेट्स का आरोप है कि एपस्टीन इन संवेदनशील जानकारियों का इस्तेमाल उन पर दबाव बनाने के लिए करना चाहता था। यह पूरा मामला एपस्टीन के दुनिया के बेहद प्रभावशाली लोगों के साथ कनेक्शन और उसके बड़े नेटवर्क की चल रही हाई-प्रोफाइल जांच से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

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अमेरिकी सांसदों की पूछताछ में सामने आया पूरा सच

हाल ही में कुछ नए सीक्रेट दस्तावेज सामने आने के बाद अमेरिकी सांसदों ने कई बड़े दिग्गजों से पूछताछ शुरू की है। इस लिस्ट में बिल गेट्स भी शामिल थे, जिन्होंने जांच कमेटी के समक्ष अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराया। गवाही के दौरान गेट्स ने स्वीकार किया कि एपस्टीन उनकी निजी जिंदगी के कई पहलुओं को जानता था।

बिल गेट्स ने भावुक होते हुए कहा कि ये घटनाएं उनके पूरे परिवार के लिए बेहद दुखद और काफी तकलीफदेह रही हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन बेहद निजी मामलों का एपस्टीन के साथ उनके किसी भी प्रोफेशनल या बिजनेस रिलेशन से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था।

बिल गेट्स के मुताबिक, एपस्टीन उनकी पर्सनल इंफॉर्मेशन का गलत इस्तेमाल करके उन्हें अपने संपर्क में जबरन बनाए रखना चाहता था। उन्होंने कमेटी को बताया कि एपस्टीन ने कुछ झूठी और भ्रामक बातें जोड़कर उन पर एक मानसिक दबाव बनाने की बार-बार कोशिश की थी।

आपराधिक गतिविधियों से बिल गेट्स ने खुद को बताया अलग

बिल गेट्स ने गवाही में साफ किया कि उन्होंने एपस्टीन के किसी भी गैरकानूनी या आपराधिक काम में कभी कोई हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि एपस्टीन के साथ संपर्क बनाए रखना उनके जीवन की एक बहुत बड़ी गलती थी, जिसका उन्हें आज भी पछतावा है।

गेट्स ने बताया कि एपस्टीन के साथ उनकी मुलाकातें मुख्य रूप से चैरिटी के कामों और सोशल प्रोजेक्ट्स पर चर्चा के लिए होती थीं। एपस्टीन ने उन्हें कभी सीधे तौर पर ब्लैकमेल नहीं किया था, लेकिन बाद में सामने आए ऑफिशियल ईमेल देखकर उन्हें लगा कि वह ऐसी साजिश रच रहा था।

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