Delhi News: आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। सहवाग ने साल 2008 के पहले आईपीएल सीजन की यादें ताजा करते हुए बताया कि उन्होंने महान ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा को पूरी तरह नजरअंदाज किया था। सहवाग ने स्वीकार किया कि उन्होंने मैक्ग्रा को प्लेइंग इलेवन में एक भी मौका नहीं दिया था। इस खुलासे ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच पुरानी यादों और नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
“तुम सर्वश्रेष्ठ हो, लेकिन टीम में फिट नहीं हो”: सहवाग का जवाब
वीरेंद्र सहवाग ने बताया कि ग्लेन मैक्ग्रा अक्सर उनसे आकर पूछते थे कि उन्हें मौका क्यों नहीं मिल रहा है। सहवाग के पास इसका एक सीधा और कड़वा जवाब तैयार रहता था। वे मैक्ग्रा से कहते थे कि नियम के अनुसार केवल चार विदेशी खिलाड़ी ही खेल सकते हैं। सहवाग उन्हें बताते थे कि वे दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज हैं, लेकिन टीम संतुलन के कारण वे फिट नहीं बैठ रहे। कप्तान सहवाग के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन चुनना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी।
दिग्गज गेंदबाज को ‘बूढ़ा’ कहने से बचते रहे कप्तान सहवाग
सहवाग ने दिलचस्प अंदाज में बताया कि मैक्ग्रा को टीम से बाहर रखने की असली वजह कुछ और ही थी। सहवाग के मुताबिक, वे मैक्ग्रा के सामने यह कड़वी बात नहीं बोल सकते थे कि अब वे बूढ़े हो गए हैं। न ही वे यह कह सकते थे कि उनकी गेंदबाजी अब उतनी धारदार नहीं रही। इसलिए सहवाग हमेशा विदेशी खिलाड़ियों के कोटे वाले नियम का सहारा लेकर बात को टाल देते थे। यह उस समय की एक कठिन रणनीतिक चुनौती थी।
2008 में दिल्ली डेयरडेविल्स की कमान संभाल रहे थे सहवाग
आपको बता दें कि साल 2008 के पहले आईपीएल सीजन में वीरेंद्र सहवाग दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के कप्तान थे। कप्तान होने के नाते उनके पास टीम चयन का पूर्ण अधिकार था। दिल्ली की टीम ने उस साल सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। सहवाग की कप्तानी में टीम ने आक्रामक क्रिकेट खेला था। हालांकि, उस दौर में मैक्ग्रा जैसे महान खिलाड़ी को बेंच पर बैठाना सहवाग के सबसे साहसिक फैसलों में से एक माना गया था।
आठ विदेशी खिलाड़ियों के बीच छिड़ी थी प्लेइंग-11 की जंग
दिल्ली डेयरडेविल्स ने पहले सीजन के लिए कुल आठ विदेशी दिग्गजों को अपनी टीम में शामिल किया था। इसमें ग्लेन मैक्ग्रा के अलावा एबी डिविलियर्स, तिलकरत्ने दिलशान और शोएब मलिक जैसे बड़े नाम थे। साथ ही डेनियल विटोरी, फरवीज महरूफ, ब्रेट गीव्स और मोहम्मद आसिफ भी टीम का हिस्सा थे। इन आठ बड़े नामों में से केवल चार को चुनना किसी भी कप्तान के लिए सिरदर्द था। सहवाग ने टीम हित में मैक्ग्रा को बाहर रखकर युवाओं पर भरोसा जताया था।


