असम चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में हलचल, महासचिव जितेंद्र सिंह ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दिया इस्तीफा

Assam News: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव जितेंद्र सिंह ने असम विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी शिकस्त की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सिंह असम राज्य के लिए कांग्रेस के प्रभारी महासचिव के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दिया है। इस फैसले के बाद राज्य इकाई में बड़े संगठनात्मक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी अब असम में नए नेतृत्व की तलाश कर रही है।

चुनाव नतीजों को बताया बेहद निराशाजनक

जितेंद्र सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत के दौरान अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि असम विधानसभा चुनाव के परिणाम बेहद निराशाजनक रहे हैं। पार्टी अपनी रणनीति और जमीनी पकड़ के बावजूद मतदाताओं की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रभारी के तौर पर इस हार की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। उनके अनुसार, यह निर्णय संगठन की कार्यप्रणाली को नई ऊर्जा देने के लिए आवश्यक था।

संगठन के हित में पद छोड़ने का फैसला

जितेंद्र सिंह ने पत्र में संगठन के व्यापक हित पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को नई दिशा देने और नए नेतृत्व को अवसर प्रदान करने के लिए उनका पद से हटना जरूरी है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया कि उन्हें इस महत्वपूर्ण भूमिका में सेवा करने का अवसर मिला। सिंह ने कहा कि असम के लोगों की सेवा के लिए उन्होंने सर्वोत्तम प्रयास किए, लेकिन चुनावी अंकगणित और जनादेश कांग्रेस के पक्ष में नहीं रहा।

पार्टी के प्रति जताई अटूट प्रतिबद्धता

इस्तीफा देने के बावजूद जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस की विचारधारा और मूल्यों के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दोहराई है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी पार्टी द्वारा सौंपी जाने वाली किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए तत्पर रहेंगे। वे कांग्रेस के विजन और लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग जारी रखेंगे। सिंह का मानना है कि पार्टी को भविष्य की चुनौतियों के लिए अब नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि राज्य में दोबारा मजबूती पाई जा सके।

असम कांग्रेस में अब बदलाव की तैयारी

जितेंद्र सिंह के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस आलाकमान असम के लिए नए प्रभारी की नियुक्ति पर विचार कर रहा है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारणों की समीक्षा भी की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिंह के पद छोड़ने से पार्टी को राज्य में संगठन के पुनर्गठन का मौका मिलेगा। आने वाले दिनों में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

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