उत्तराखंड में ‘घुसपैठियों’ पर धामी का सबसे बड़ा प्रहार, देवभूमि के लिए क्या है सरकार का नया प्लान?

Uttarakhand News: उत्तराखंड की डेमोग्राफी और धार्मिक पहचान से खिलवाड़ करने वालों के लिए खतरे की घंटी बज गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि राज्य में घुसपैठियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर धामी ने ये हुंकार भरी है। ‘जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उन्होंने अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग देवभूमि का स्वरूप बिगाड़ेंगे, उन्हें वापस वहीं भेजा जाएगा जहां से वे आए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने देवभूमि के देवत्व की रक्षा को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनसांख्यिकी को सुरक्षित रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के अंदर सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। सरकार ने भू-माफियाओं के खिलाफ भी अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ा है। कड़ा एक्शन लेते हुए पूरे राज्य में 12 हजार एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है।

मदरसों में सरकारी सिलेबस और यूसीसी का बड़ा दांव

नाम और भेष बदलकर आम जनता को ठगने वालों पर भी सरकार की पैनी नजर है। ऐसे अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने ‘ऑपरेशन कालनेमि’ शुरू किया है। धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का भी प्रमुखता से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करके उत्तराखंड ने देश में नजीर पेश की है। इसके साथ ही जुलाई से राज्य के सभी मदरसों में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब वहां भी सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने दावा किया कि पहले की सरकारों में सिर्फ छोटी मछलियों पर कार्रवाई होती थी। लेकिन अब उनकी सरकार भ्रष्टाचारियों के बड़े मगरमच्छों पर भी सीधा प्रहार कर रही है। धामी ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह जीरो टॉलरेंस की नीति आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगी।

विपक्ष पर तुष्टिकरण और खुली लूट का सीधा आरोप

मंच से मुख्यमंत्री धामी ने विपक्षी दल कांग्रेस पर भी तीखा सियासी हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति की मंच से कड़ी आलोचना की। मुख्यमंत्री ने जिहाद के खिलाफ अपनी सरकार की कार्रवाई पर सीधे जनता से समर्थन मांगा। उन्होंने रैली में मौजूद भारी भीड़ से पूछा कि ऐसी सख्त कार्रवाई आगे जारी रहनी चाहिए या नहीं। जनता का उत्साहपूर्ण जवाब मिलने के बाद धामी ने कहा कि राज्य के मूल स्वरूप को बचाने की यह लड़ाई कभी नहीं रुकेगी।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए कई कथित घोटालों की याद भी दिलाई। उन्होंने पिछली सरकार की खनन और शराब नीतियों को संसाधनों की खुली लूट करार दिया। धामी ने कहा कि मौजूदा सरकार ने इन दोनों मोर्चों पर पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया है। बेहतर काम के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी दिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य अब कुशासन से सुशासन की राह पर तेजी से दौड़ रहा है।

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