Mumbai News: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट के आलोचकों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। उन्होंने लगातार दूसरे दिन विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। सीएम ने आलोचना करने वालों के लिए बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर लोगों को ‘भाड़े का टट्टू’ शब्द से आपत्ति है, तो वह इसकी जगह ‘घुमंतू गधे’ और ‘सुपारीबाज’ जैसे नए शब्दों का इस्तेमाल करेंगे। यह विवाद इस हफ्ते भारी बारिश के बाद मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट के पास हुए भूस्खलन के बाद शुरू हुआ।
सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग से आक्रामक हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
भूस्खलन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और यूजर्स ने प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए थे। विधानसभा में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपनी व्यक्तिगत आलोचना सहन कर सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के बेहतरीन प्रोजेक्ट्स का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
फडणवीस ने सोशल मीडिया पर पैसे लेकर सरकार के खिलाफ कैंपेन चलाने का बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग पैसे के लिए लिखते हैं, उन्हें कतई नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कड़े बयान के बाद महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल आ गया है।
विपक्ष और राज ठाकरे ने उठाए मुख्यमंत्री की भाषा पर तीखे सवाल
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आचरण पर गंभीर आपत्ति जताई है। सपकाल ने कहा कि जनता और विपक्ष को सरकारी धन के इस्तेमाल पर सवाल उठाने का पूरा हक है। मुख्यमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा निशाना साधा है। राज ठाकरे ने सवाल उठाया कि बुनियादी ढांचा परियोजना के कामकाज और उसकी गुणवत्ता पर बात करने से महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो जाता है।

