हिमाचल में बड़ा सियासी उलटफेर, जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, जनता देगी करारा जवाब

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Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र का तूफानी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनका सुख-दुख साझा किया। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार की नीतियों से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है।

स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की करारी हार का दावा

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में जनता ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में अपना स्पष्ट जनादेश सुना दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भी यही माहौल रहेगा। जयराम ठाकुर के मुताबिक हिमाचल की जनता अब कांग्रेस सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देने के लिए तैयार बैठी है।

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भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का झूठ अब बेनकाब हो गया है। चुनाव परिणामों ने यह साफ कर दिया है कि जनता कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों और झूठी गारंटियों से बेहद नाराज है। लगातार बढ़ते आर्थिक बोझ के कारण आम जनता में सरकार के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

मुफ्त बिजली छीनने पर भड़के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में विकास का एक भी काम नहीं किया। सरकार ने केवल दो हजार से ज्यादा सरकारी संस्थानों को बंद किया है। इसके अलावा लाखों पदों को समाप्त कर हजारों लोगों को नौकरियों से बाहर निकालना ही इस सरकार की एकमात्र बड़ी उपलब्धि बनकर रह गई है।

उन्होंने बिजली संकट पर बोलते हुए कहा कि चुनाव से पहले जनता को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया गया था। सत्ता में आते ही कांग्रेस ने भाजपा सरकार द्वारा दी जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली भी छीन ली। आज प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार भारी-भरकम बिजली बिल भरने के लिए पूरी तरह मजबूर हैं।

मुख्यमंत्री पर चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का संगीन आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने सुक्खू सरकार पर आचार संहिता के खुले उल्लंघन का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान लगातार नई घोषणाएं की जा रही हैं और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है। कैबिनेट बैठकों और सरकारी मंचों से चुनावी माहौल को प्रभावित करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ माना जाता है।

उन्होंने केंद्रीय फंड के सही इस्तेमाल न होने पर चिंता जताते हुए चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन धरातल पर विकास गायब है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बजट में कटौती से गरीब और जरूरतमंद वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

Author: Sunita Gupta

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