Business News: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को एक नया इतिहास रच दिया है। हफ्ते के पहले ही दिन बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने इस तेजी को और ज्यादा रफ्तार दे दी है।
इस बड़ी उछाल के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट को मुख्य वजह माना जा रहा है। बाजार में आए इस अचानक सकारात्मक बदलाव ने चौतरफा मंदी की आशंकाओं को पूरी तरह खत्म कर दिया और निवेशकों का भरोसा लौटाया है।
सुबह के शुरुआती कारोबार में ही बीएसई (BSE) सेंसेक्स ने 1270 अंकों की विशाल बढ़त हासिल की। इसके साथ ही यह सूचकांक 1.68 प्रतिशत की मजबूती लेकर 76,798 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस जादुई आंकड़े को देखकर निवेशक गदगद हो गए।
निफ्टी ने पार किया 24 हजार का जादुई आंकड़ा
सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी ने भी आज एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। निफ्टी में 383 अंकों यानी लगभग 1.62 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई। इस बढ़त के साथ निफ्टी पहली बार 24,000 के पार निकल गया।
बाजार में केवल बड़े शेयरों में ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले शेयरों में भी जमकर पैसा बरसा। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स भी आज सुबह से ही हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हर सेक्टर में हो रही इस खरीदारी से पूरा दलाल स्ट्रीट झूम उठा।
अमेरिका-ईरान समझौते से बदला माहौल
इस ऐतिहासिक तेजी की असली वजह वैश्विक मंच से सामने आई है। पिछले 107 दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा बड़ा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। दोनों देशों के बीच हुए इस ऐतिहासिक शांति समझौते ने पूरी दुनिया को राहत दी है।
इस समझौते के तुरंत बाद ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ से अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही दोबारा बहाल कर दी गई है। यह समुद्री रास्ता पूरी दुनिया की कुल तेल सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। इसके खुलने से वैश्विक ऊर्जा संकट का डर खत्म हो गया।
कच्चा तेल 4% लुढ़का, भारत को बड़ा फायदा
शांति समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 4 प्रतिशत से अधिक टूट गईं। कच्चा तेल गिरकर अब लगभग 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। भारत के लिए यह खबर किसी संजीवनी से कम नहीं है।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल दूसरे देशों से आयात करता है। तेल सस्ता होने से देश में महंगाई पर लगाम लगेगी, भारतीय रुपया मजबूत होगा और व्यापार घाटे में भी बड़ी कमी आएगी। इसी वजह से भारतीय निवेशकों ने आज बाजार में जमकर खरीदारी की।
एशियाई बाजारों में भी जबरदस्त रौनक
इस शांति समझौते का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया के बाजारों पर साफ दिखा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई इंडेक्स भारी बढ़त के साथ बंद हुए। इसके अलावा चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में भी तेजी रही।
दिग्गज शेयरों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक का शेयर करीब 2 प्रतिशत तक चढ़ गया। विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई की नई एनआरआई डिपॉजिट स्कीम से बैंक को सीधा फायदा होगा। वहीं पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से एलएंडटी का शेयर भी 3 प्रतिशत उछल गया।
कच्चे तेल की कीमतें घटने से देश की प्रमुख एयरलाइंस, पेंट, टायर और तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर पैसे लगाए। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी काफी मजबूत हुआ है, जिससे बाजार का डर खत्म हो गया।
Author: Rajesh Kumar

