Varanasi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह करीब 5:20 बजे अपने दिन की शुरुआत की। बरेका गेस्ट हाउस के सुइट नंबर 13 में ठहरने के दौरान उनकी दिनचर्या बेहद अनुशासित और सात्विक रही। सोकर उठने के बाद उन्होंने सबसे पहले गुनगुने पानी का सेवन किया। इसके उपरांत उन्होंने अदरक वाली चाय ली और फिर योग व प्राणायाम के अभ्यास में समय बिताया। इस दौरान उन्होंने देश-दुनिया की खबरों से अपडेट रहने के लिए समाचार पत्रों का भी बारीकी से अवलोकन किया।
सादगी भरा नाश्ता और पारंपरिक व्यंजन
प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य और पसंद को ध्यान में रखते हुए गेस्ट हाउस में हल्का नाश्ता तैयार किया गया था। प्रस्थान से पहले उन्हें पोहा और चाय परोसी गई। इसके बाद मुख्य आहार के रूप में मूंग की दाल की खिचड़ी, कुरकुरे पापड़, गुजराती ढोकला और तीखी चटनी दी गई। उनके सुइट में ताजे फलों की टोकरी भी विशेष रूप से सजाई गई थी। यह पूरी आहार योजना उनकी सादगी और स्वास्थ्य के प्रति उनकी गहरी जागरूकता को दर्शाती है।
मंगलवार की रात का विशेष भोजन चार्ट
मंगलवार की रात को वाराणसी प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का भोजन पूरी तरह शाकाहारी और हल्का रहा। उन्होंने रात के खाने में सादी रोटी, कद्दू की सब्जी, पापड़ और चटनी का आनंद लिया। उन्होंने रात के समय भी सादे भोजन को ही प्राथमिकता दी, जो पाचन के लिए उत्तम माना जाता है। कमरे में पीने के लिए केवल बोतलबंद शुद्ध पानी की व्यवस्था की गई थी। इस अनुशासित जीवनशैली ने वहां मौजूद स्टाफ को भी काफी प्रभावित किया।
योग और संवाद का अनूठा संगम
प्रधानमंत्री की दिनचर्या में योग और प्राणायाम का स्थान सर्वोपरि है। मानसिक शांति और शारीरिक ऊर्जा के लिए उन्होंने सुबह का काफी समय ध्यान में लगाया। इसके पश्चात, पीएम मोदी का काफिला निर्धारित समय पर वाराणसी की सड़कों पर रोड शो के लिए निकला। इस दौरान उन्होंने काशी की जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। सादगी भरी सुबह के बाद जनता के बीच जाकर उनका अभिवादन करना उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक जुड़ाव को मजबूत करता है।


