जेब में एक प्याज और 51 डिग्री का टॉर्चर बेअसर? ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस ‘देसी नुस्खे’ का क्या है वैज्ञानिक सच

Delhi News: उत्तर भारत में सूरज की तपिश अब जानलेवा होने लगी है। दिल्ली समेत कई राज्यों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। सिंधिया ने दावा किया है कि वे जेब में प्याज रखकर चिलचिलाती गर्मी का सामना करते हैं। उनके इस अनोखे नुस्खे ने लोगों के बीच जिज्ञासा और बहस छेड़ दी है।

सिंधिया का दावा: बिना AC के भी 51 डिग्री में रहते हैं सक्रिय

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपने स्वास्थ्य और स्फूर्ति का राज साझा किया। उन्होंने बताया कि वे न तो गाड़ी में एसी (AC) चलाते हैं और न ही ठंडे वातावरण में रहते हैं। सिंधिया ने कहा कि जब लोग उनसे 51 डिग्री तापमान में भी बिना किसी सुविधा के रहने का राज पूछते हैं, तो वे अपनी जेब से प्याज निकालकर दिखाते हैं। उनके अनुसार, प्याज साथ रखने से लू का असर नहीं होता। उन्होंने मजाकिया लहजे में खुद को ‘चंबल की मोटी चमड़ी’ वाला बताया।

जेब में प्याज रखना: महज अंधविश्वास या है कोई वैज्ञानिक आधार?

पुराने समय से ही भारत में यह धारणा प्रचलित है कि जेब में प्याज रखकर निकलने से लू नहीं लगती। हालांकि, आधुनिक विज्ञान इस दावे का समर्थन नहीं करता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, प्याज को केवल शरीर के पास रखने से तापमान नियंत्रित होने का कोई प्रमाण मौजूद नहीं है। विज्ञान इसे एक भ्रांति मानता है जिसका स्वास्थ्य पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता। प्याज केवल शरीर के स्पर्श से बाहरी गर्मी को सोखने की क्षमता नहीं रखता है, इसलिए इसे ‘प्लेसबो इफेक्ट’ से अधिक कुछ नहीं कहा जा सकता।

आयुर्वेद की दृष्टि: क्या प्याज सच में बचाता है लू से?

भले ही विज्ञान इसे नकार दे, लेकिन आयुर्वेद में प्याज के गुणों का विस्तार से वर्णन है। आयुर्वेद के अनुसार, प्याज में ‘क्वेरसेटिन’ नामक एक महत्वपूर्ण केमिकल पाया जाता है। यह केमिकल शरीर में हिस्टामाइन को ब्लॉक करने में मदद करता है, जिससे लू (Heatstroke) के प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसमें मौजूद सल्फर और अल्कलॉड्स शरीर के तापमान को संतुलित रखने में सहायक होते हैं। हालांकि, आयुर्वेद के जानकार भी इसे जेब में रखने के बजाय खाने या उसके रस के लेप को अधिक प्रभावी मानते हैं।

प्याज का सेवन है फायदेमंद: शरीर को मिलती है कुदरती ठंडक

प्याज की तासीर ठंडी होती है और इसमें पानी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। गर्मी के मौसम में कच्चा प्याज खाने से शरीर में नमी बनी रहती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है। यह पाचन तंत्र को सुचारू रखने के साथ-साथ मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है। गर्मियों में सलाद के रूप में इसका सेवन करना सबसे उत्तम माना जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल जेब में प्याज रखने के भरोसे रहने के बजाय पर्याप्त पानी पीना और सीधे धूप से बचना ही गर्मी से बचने का असली उपाय है।

सिंधिया के बयान ने छेड़ी नई बहस: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

सिंधिया के इस बयान ने पारंपरिक नुस्खों और आधुनिक चिकित्सा पद्धति के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आज भी प्याज को ‘सुरक्षा कवच’ मानते हैं, वहीं शहरी आबादी इसे वैज्ञानिक कसौटी पर परख रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लू से बचने के लिए प्राथमिक रूप से सिर और कान ढककर रखना चाहिए। प्याज का सेवन लाभकारी हो सकता है, लेकिन जेब में इसे रखना मात्र एक प्रतीकात्मक परंपरा है जो शायद मानसिक ढांढस तो दे सकती है, पर शारीरिक सुरक्षा नहीं।

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