India News: भारत की आगामी जनगणना 2027 में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। सेंसस के सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर जारी FAQ के अनुसार, यदि कोई कपल बिना शादी के एक ही घर में ‘स्थिर रिश्ते’ में रह रहा है, तो उसे शादीशुदा कपल के रूप में दर्ज किया जाएगा। यह फैसला पूरी तरह कपल के स्वयं के बयान पर आधारित होगा।
कपल की घोषणा होगी आधार
अधिकारियोंने साफ किया है कि चाहे व्यक्ति खुद ऑनलाइन जानकारी भर रहा हो या फिर एन्यूमरेटर घर आकर डेटा कलेक्ट कर रहा हो, दोनों ही स्थितियों में कपल की स्वयं की घोषणा को ही आधार माना जाएगा। यदि वे अपने रिश्ते को स्थिर मानते हैं, तो उन्हें विवाहित श्रेणी में गिना जाएगा। यदि कोई कपल लंबे समय से साथ रह रहा है, तो वे वैवाहिक स्थिति के तहत फॉर्म भर सकते हैं।
पहली बार सार्वजनिक रूप से स्पष्ट निर्देश
इस विषय पर पहलीबार सार्वजनिक रूप से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पहले भी ऐसी स्थिति में यही प्रैक्टिस अपनाई जाती थी। पिछली जनगणनाओं में यदि कोई लिव-इन कपल खुद को शादीशुदा बताता था, तो उसे उसी रूप में रिकॉर्ड किया जाता था। जनगणना का हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन फेज करीब 45 दिनों तक चलता है। इस प्रक्रिया के तहत एक घर में रहने वाले शादीशुदा कपल्स की संख्या समेत कई सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ा डेटा जुटाया जाता है।
बदलती सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए पहल
जनगणनाडिजिटल रूप में भी उपलब्ध है। सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से लोग खुद ही अपना डेटा ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। यह पहल बदलती सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए की गई है। इसका उद्देश्य जनगणना के आंकड़ों में लिव-इन रिलेशनशिप जैसे रिश्तों को भी आधिकारिक मान्यता और स्थान देना है।


