Himachal News: हिमाचल प्रदेश के गांवों में चुनावी माहौल अब गरमाने लगा है। प्रशासन ने पंचायत चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां काफी तेज कर दी हैं। पंचायतीराज विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को 31 मार्च तक पंचायतों का सारा जरूरी डाटा राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपना होगा। प्रशासन तय समय पर चुनाव कराने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है।
30 मार्च तक जारी होगा पंचायत रोस्टर
पंचायत चुनाव में गांव के लोग आरक्षण रोस्टर का बेसब्री से इंतजार करते हैं। जिला स्तर पर रोस्टर बनाने का काम अब अंतिम चरण में है। सभी जिलों के उपायुक्त 30 मार्च तक अपनी पंचायतों का आरक्षण रोस्टर जारी कर देंगे। सरकार ने अधिकारियों को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आएगी। अधिकारी रोस्टर बनाते समय आरक्षण के सभी नियमों का पूरा ध्यान रख रहे हैं।
मई महीने में पड़ेंगे 3773 पंचायतों में वोट
इस बार हिमाचल प्रदेश की कुल 3773 पंचायतों में चुनाव होने हैं। प्रशासन मई महीने में ही मतदान कराने की तैयारी कर रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग डाटा मिलते ही चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर देगा। प्रशासन मई में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से मतदान कराना चाहता है। इसके बाद जून महीने में जीत कर आए नए पंचायत प्रतिनिधि अपना कार्यभार संभाल लेंगे। सरकार मानती है कि समय पर चुनाव होने से गांवों में लोकतांत्रिक व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।


