New Delhi News: भारत सरकार ने आम जनता की जेब पर सीधा असर डालने वाला एक बेहद बड़ा फैसला लिया है। सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने सोना, चांदी और खाने के तेल के आयात को लेकर एक नया अपडेट जारी किया है। सीबीआईसी ने इन सभी जरूरी वस्तुओं की नई टैरिफ वैल्यू तय कर दी है। आसान शब्दों में समझें तो अब इन विदेशी सामानों पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी की गणना अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए नियमों और दरों के आधार पर की जाएगी।
सोने-चांदी और खाद्य तेल की नई दरें
सरकार द्वारा जारी किए गए नए बदलावों के मुताबिक, अब सोने की नई टैरिफ वैल्यू 1,508 डॉलर प्रति 10 ग्राम निर्धारित की गई है। इसके साथ ही चांदी की टैरिफ वैल्यू को बढ़ाकर अब 2,810 डॉलर प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। अगर रसोई से जुड़े खाने के तेल की बात करें तो क्रूड पाम ऑयल की वैल्यू 1,205 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और क्रूड सोयाबीन ऑयल की वैल्यू 1,256 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तय की गई है। वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
बढ़ते इंपोर्ट बिल और रुपये को बचाने की कवायद
इस कड़े फैसले के पीछे देश का लगातार बढ़ता हुआ भारी-भरकम इंपोर्ट बिल सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। वर्तमान में पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना और कच्चा तेल खरीदने वाले देशों में शुमार है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कम होता है और घरेलू बाजार में रुपया कमजोर होने का बड़ा खतरा हमेशा बना रहता है।
कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी और जनता पर सीधा असर
केंद्र सरकार ने कुछ दिनों पहले ही एक बड़ा कदम उठाते हुए सोना और चांदी पर कस्टम ड्यूटी को 6 फीसदी से सीधे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य देश में गैर-जरूरी आयात को रोकना और कीमती विदेशी मुद्रा की बचत करना था। अब नई टैरिफ वैल्यू लागू होने के बाद आयातकों की लागत काफी बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले के कारण आने वाले दिनों में सराफा बाजार में सोने-चांदी के भाव और घरेलू बाजार में खाने के तेल की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं।

