India News: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार जल्द ही नए वेतन आयोग के गठन और फिटमेंट फैक्टर पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकती है। यदि सरकार फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी करती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा। फिलहाल कर्मचारी यूनियन 3.68 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जिससे न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 26,000 रुपये या उससे अधिक हो सकता है।
फिटमेंट फैक्टर का गणित और सैलरी पर इसका असर
फिटमेंट फैक्टर वह पैमाना है जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और कुल वेतन का निर्धारण होता है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू है, जिसे बढ़ाकर 2.86 या 3.00 करने की चर्चाएं जोरों पर हैं। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से न केवल मूल वेतन बढ़ेगा, बल्कि इससे जुड़े भत्ते जैसे महंगाई भत्ता (DA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार वेतन ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है।
8वें वेतन आयोग के गठन में देरी और संभावित तारीख
आमतौर पर हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग लागू होता है, इस लिहाज से 8वां वेतन आयोग जनवरी 2026 से प्रभावी होना चाहिए। हालांकि, सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसके गठन की घोषणा नहीं की है, जिससे कर्मचारियों में उत्सुकता और चिंता दोनों बनी हुई है। विभिन्न कर्मचारी संघों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है ताकि समय रहते सिफारिशें लागू की जा सकें। जानकारों का मानना है कि बजट सत्र के आसपास सरकार इस दिशा में कोई बड़ा ऐलान कर कर्मचारियों को तोहफा दे सकती है।
न्यूनतम बेसिक सैलरी में कितनी हो सकती है बढ़ोतरी?
कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी को वर्तमान 18,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000 रुपये करने की है। यदि सरकार फिटमेंट फैक्टर को 3.68 के स्तर पर ले जाती है, तो यह आंकड़ा मुमकिन होगा। हालांकि, वित्त मंत्रालय के आंतरिक आकलन के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर को 3.00 के आसपास रखा जा सकता है। ऐसी स्थिति में न्यूनतम वेतन लगभग 21,000 रुपये के करीब पहुंच जाएगा। यह वृद्धि निचले स्तर के कर्मचारियों के जीवन स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगी और उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाएगी।
पेंशनभोगियों को भी मिलेगा 8वें वेतन आयोग का लाभ
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें केवल मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि इसका सीधा फायदा देश के 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को भी मिलेगा। नए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर पेंशन की गणना दोबारा की जाएगी, जिससे मासिक पेंशन में सम्मानजनक वृद्धि होगी। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह एक बड़ी आर्थिक राहत होगी। सरकार पेंशनर्स के लिए ‘पेंशन कैलकुलेशन फॉर्मूला’ में भी बदलाव करने पर विचार कर रही है ताकि उन्हें महंगाई के असर से प्रभावी ढंग से बचाया जा सके।
महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि की बढ़ती जरूरत
पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक और घरेलू कारणों से महंगाई की दर में लगातार इजाफा हुआ है। कर्मचारियों का तर्क है कि मौजूदा वेतन ढांचा बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। वेतन आयोग का मुख्य उद्देश्य वेतन में विसंगतियों को दूर करना और महंगाई के साथ तालमेल बिठाना होता है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने से न केवल कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था में मांग भी बढ़ेगी। अब गेंद पूरी तरह से सरकार के पाले में है कि वह फिटमेंट फैक्टर पर क्या फैसला लेती है।


