Himachal News: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की तरह अब हिमाचल प्रदेश की महिलाओं के लिए भी एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए नई पहल की है। ‘इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि’ योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत राज्य की अति गरीब परिवारों की एक लाख महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाएंगे। बजट 2026-27 में इस खास योजना का ऐलान किया गया है। यह महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का एक बड़ा प्रयास है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपना नया बजट पेश करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया है। इस पहल का सीधा मकसद महिलाओं के जीवन-स्तर को बेहतर करना है। सरकार का मानना है कि इस नकद सहायता से महिलाएं अपने परिवार में अधिक सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं के हाथ में पैसा देकर उन्हें आर्थिक आजादी देने की दिशा में बड़ा कदम है।
पुरानी योजना के साथ नई सौगात
हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के लिए यह कोई पहली नकद सहायता योजना नहीं है। राज्य सरकार पहले से ही ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि’ चला रही है। इस पुरानी योजना के तहत भी बड़ी संख्या में महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपये भेजे जाते हैं। अब यह नई योजना खास तौर पर अति गरीब तबके को ध्यान में रखकर लाई गई है।
इस नई योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं। सबसे पहली शर्त है कि आवेदक महिला आर्थिक रूप से बहुत कमजोर परिवार से होनी चाहिए। महिला की उम्र 18 साल से 59 साल के बीच होना अनिवार्य है। साथ ही, परिवार की सालाना आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
पात्र परिवारों को न केवल नकद राशि मिलेगी बल्कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली का भी लाभ मिलेगा। पक्के मकान से वंचित परिवारों को धीरे-धीरे घर की सुविधा भी दी जाएगी। आवेदन के लिए महिलाओं को अपने नजदीकी तहसील कल्याण अधिकारी (Tehsil Welfare Officer) के पास जाना होगा। वहां फॉर्म के साथ आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी जमा करनी होगी। यह पूरी तरह से एक ऑफलाइन प्रक्रिया है।
देशभर में हिट हुआ आधी आबादी का फॉर्मूला
हाल के वर्षों में राजनीतिक दलों को चुनाव जीतने का एक नया और अचूक फॉर्मूला मिल गया है। अब हर पार्टी आधी आबादी यानी महिलाओं को ध्यान में रखकर योजनाएं बना रही है। किसी भी राज्य में चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के लिए खास नकद योजनाओं की झड़ी लग जाती है। बीते चुनावों में जिस भी पार्टी ने ऐसी योजनाएं चलाईं, उसे सत्ता की चाबी आसानी से मिल गई।
दिल्ली में भाजपा सरकार ने दिसंबर 2024 में ‘महिला समृद्धि योजना’ का ऐलान किया है। इसमें पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने की बात कही गई है। वहीं, झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार ‘मंईयां सम्मान योजना’ चला रही है। इसमें पहले 1000 रुपये मिलते थे, जिसे दिसंबर 2025 से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है। महाराष्ट्र की महायुति सरकार ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ के तहत 1500 रुपये दे रही है।
महिलाओं को नकद देने की शुरुआत मध्य प्रदेश में ‘लाडली बहना योजना’ से हुई थी। इसमें महिलाओं को 1250 रुपये मिलते हैं। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में ‘महतारी वंदन योजना’ के जरिए 1000 रुपये दिए जाते हैं। हरियाणा में ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ के तहत 2100 रुपये दिए जाने की तैयारी है। कर्नाटक में ‘गृहलक्ष्मी योजना’ से 2000 रुपये और पश्चिम बंगाल में ‘लक्खी भंडार’ स्कीम से सीधी आर्थिक मदद मिल रही है।


