Lucknow News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आज कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और लोक कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाने जा रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक में नई स्टार्टअप नीति और होमगार्ड्स को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने सहित 21 से अधिक बड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है।
होमगार्ड्स को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज और शाहजहांपुर का नाम बदलने का प्रस्ताव
सरकार के इस कदम से उत्तर प्रदेश के करीब 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड जवानों और उनके आश्रितों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा। नई व्यवस्था के तहत अब होमगार्ड और उनके परिवार के सदस्य गंभीर बीमारियों की स्थिति में पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज पूरी तरह मुफ्त में करा सकेंगे।
कैबिनेट में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक नई और आकर्षक स्टार्टअप नीति को भी मंजूरी दी जाएगी, जिसके तहत नए उद्यमियों को भारी सब्सिडी और वित्तीय रियायतें मिलेंगी। इसके अलावा, आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने का एक बड़ा राजनीतिक प्रस्ताव भी शामिल किया गया है।
बैठक में राज्य के तीन अलग-अलग जिलों में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना और मदरसा शिक्षा परिषद के शिक्षकों की असामयिक मृत्यु पर ग्रेच्युटी भुगतान के प्रस्तावों पर भी गंभीरता से विचार होगा। वर्तमान में यूपी में 1.18 लाख कार्यरत होमगार्ड हैं, जबकि 41 हजार नए जवानों की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।
शिक्षकों और संविदा कर्मियों के लिए 1 करोड़ रुपये तक का सुरक्षा कवच
बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत करीब 10 लाख स्थाई और संविदा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा रसोइयों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा देने के लिए राज्य सरकार भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ एक बड़ा एमओयू करने जा रही है। इसके तहत स्थाई कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा।
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत स्थाई कर्मियों को एक करोड़ रुपये का पूर्ण दिव्यांगता बीमा और 1.60 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर भी दिया जाएगा। किसी भी अप्रिय अनहोनी की स्थिति में पीड़ित कर्मचारियों के बच्चों की उच्च शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए विशेष ‘एडऑन कवर’ की व्यवस्था की गई है।
वहीं दूसरी ओर, 10 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को 30 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख रुपये का कवर दिया जाएगा। 10 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों को जीरो बैलेंस खाते और रुपे डेबिट कार्ड के आधार पर एक लाख का इंश्योरेंस मिलेगा।

