राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज: चंपत राय और अनिल मिश्रा के भाग्य का फैसला करेंगे ये 10 वोट

Ayodhya News: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली और बेहद संवेदनशील बैठक होने जा रही है। इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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10 नियमित सदस्यों के बहुमत से तय होगा दोनों का भविष्य

ट्रस्ट की नियमावली के अनुसार, इस बड़े फैसले के लिए सदस्यों का बहुमत अनिवार्य है। ट्रस्ट में कुल 15 पद हैं, जिनमें से 4 पदेन सदस्य हैं। इन पदेन सदस्यों को केवल अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है, वे मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते। इस प्रकार, कुल 11 स्थायी सदस्यों के पास ही वोटिंग राइट्स हैं।

वर्तमान में अयोध्या नरेश विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के दुखद निधन के कारण एक स्थायी सीट रिक्त चल रही है। ऐसे में आज की बैठक में उपस्थित होने वाले शेष 10 नियमित सदस्यों के वोटों के आधार पर ही चंपत राय और डॉक्टर अनिल मिश्रा के प्रशासनिक भाग्य का फैसला किया जाएगा।

यदि बैठक में इन दोनों वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो नियमों के तहत ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल करने पर भी विचार किया जाएगा। पहली बार इस महत्वपूर्ण बैठक की अगुवाई कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि कर रहे हैं, जो वित्तीय मामलों के प्रमुख हैं।

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और उनकी भूमिकाएं

ट्रस्ट के नियमित सदस्यों में अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपत राय (उपाध्यक्ष विएचपी), युगपुरुष परमानंद गिरि, सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी कृष्णा मोहन और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि शामिल हैं। इनके अलावा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन और होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अनिल मिश्रा भी इसमें सदस्य हैं।

अन्य नियमित सदस्यों में निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधि दिनेंद्र दास, शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और पेजावर मठ के पीठाधीश्वर स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ शामिल हैं। ये सभी सदस्य आज दोपहर तीन बजे मणिराम दास छावनी में एकत्र होकर इस गंभीर संकट पर अपना निर्णायक मत देंगे।

वहीं पदेन सदस्यों में निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा (पूर्व आईएएस), यूपी के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद (आईएएस), अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि प्रशांत लोखंडे (आईएएस) शामिल हैं, जो प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था का समन्वय संभाल रहे हैं।

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