शाहजहांपुर के सिंधौली थाने में दुष्कर्म के आरोपी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया पुलिस पर मारपीट का आरोप

Shahjahanpur News: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के सिंधौली थाने में रविवार देर रात एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोप में पूछताछ के लिए लाए गए एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया है।

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पूछताछ के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में घोषित किया मृत

पुलिस के अनुसार, एक नाबालिग लड़की ने अपने सौतेले पिता प्रदीप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप था कि आरोपी पिछले तीन वर्षों से उसका शारीरिक शोषण कर रहा था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था। शादी हो जाने के बाद भी वह पीड़िता पर मायके आने का लगातार दबाव बना रहा था।

तहरीर के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी सिलसिले में रविवार शाम करीब चार बजे पुलिस प्रदीप को पूछताछ के लिए सिंधौली थाने लेकर आई थी। पुलिस का दावा है कि रात करीब एक बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस प्रशासन के मुताबिक, आरोपी को पहले स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। देर रात करीब 1:40 बजे जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, परिजनों का आरोप है कि थाने में मारपीट के कारण प्रदीप की जान गई है।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई

मृतक के परिजनों ने इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद से स्थानीय पुलिस विभाग पर सवाल उठने लगे हैं और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल के साथ तरह-तरह की राजनीतिक व सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ग्रामीण दीक्षा भवरे ने बयान जारी कर बताया कि आरोपी की मौत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे विस्तृत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक और वैज्ञानिक कारणों का पूरी तरह से पता लगाया जा सके।

उन्होंने पीड़ित परिवार को निष्पक्षता का आश्वासन देते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ग्रामीण ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विभागीय जांच में किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही, संलिप्तता या दोष सिद्ध होता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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